नई दिल्ली : केरल के कोच्चि में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पर हमले का मामला अब गंभीर राजनीतिक और कानूनी विवाद का रूप ले चुका है. ईडी ने इस घटना को लेकर एफआईआर दर्ज कराई है. एजेंसी का आरोप है कि जब अधिकारी बेकरी जंक्शन इलाके में एक घर पर छापेमारी और तलाशी अभियान पूरा कर बाहर निकल रहे थे, तभी करीब 300 लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया.
ईडी अधिकारियों के मुताबिक भीड़ ने इनको मार डालो जैसे नारे लगाए और टीम पर पत्थर व ईंटें फेंकीं. हमले में कई अधिकारियों की गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि कुछ कर्मचारियों को मामूली चोटें भी आईं. एजेंसी ने आरोप लगाया है कि भीड़ ने सरकारी काम में बाधा डालने और अधिकारियों को डराने की कोशिश की.
बताया जा रहा है कि यह छापेमारी पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से जुड़े कुछ लोगों और उनकी बेटी वीणा विजयन से संबंधित आर्थिक लेन-देन की जांच के सिलसिले में की जा रही थी. हालांकि, सीपीएम नेताओं ने इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है. पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है.
घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वीडियो क्लिप के आधार पर हमलावरों की पहचान शुरू कर दी है. ईडी ने अपनी शिकायत में कहा है कि अधिकारियों की जान को खतरा था और हमला पूरी तरह सुनियोजित लग रहा था. इस घटना ने केरल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है. विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तारूढ़ दल केंद्र सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगा रहा है.