उद्धव ठाकरे के दावे से शिंदे गुट में हड़कंप, पार्षदों को होटल में ठहराया

Amanat Ansari 17 Jan 2026 09:34: PM 1 Mins
उद्धव ठाकरे के दावे से शिंदे गुट में हड़कंप, पार्षदों को होटल में ठहराया

नई दिल्ली: मुंबई की सबसे अमीर महानगरपालिका (बीएमसी) में अब नया दौर शुरू हो गया है, जहां महायुति गठबंधन (बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट) ने 25 साल बाद ठाकरे परिवार की दबदबे को तोड़ते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल किया है. 227 वार्डों वाली इस संस्था में बहुमत के लिए 114 सीटें जरूरी हैं, और महायुति ने कुल 118 सीटें जीतकर इस आंकड़े को पार कर लिया.

बीजेपी ने अकेले 89 सीटें अपने नाम कीं

बीजेपी ने अकेले 89 सीटें अपने नाम कीं, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना ने 29 सीटें हासिल कीं. इस जीत से मुंबई में पहली बार बीजेपी का मेयर बनना तय माना जा रहा है, लेकिन बहुमत का अंतर सिर्फ चार सीटों का होने से सावधानी बरती जा रही है. विपक्षी दलों की स्थिति भी कमजोर नहीं है. शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस, मनसे, एनसीपी (एसपी), समाजवादी पार्टी और AIMIM ने मिलकर 106 सीटें जीती हैं. अगर ये दल एकजुट होकर महायुति के कम से कम 8 पार्षदों को अपनी ओर मिला लें, तो समीकरण पलट सकता है और मेयर पद पर बड़ा उलटफेर हो सकता है.

उपमुख्यमंत्री शिंदे ने उठाया बड़ा कदम

इसी संभावित 'खेला' से बचने के लिए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तुरंत कदम उठाया. उन्होंने अपने गुट के सभी 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को मुंबई के बांद्रा स्थित ताज लैंड्स एंड जैसे लग्जरी होटल में ठहरा दिया है. यह कदम हॉर्स ट्रेडिंग या दल-बदल की आशंका को रोकने के लिए उठाया गया है, ताकि मेयर चुनाव तक उनकी एकजुटता बनी रहे.

उद्धव ठाकरे के बयान से हड़कंप

दूसरी ओर, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने हार को हार नहीं माना. उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह नतीजा प्रतिकूल परिस्थितियों में हासिल किया गया मनोबल बढ़ाने वाला प्रदर्शन है. उद्धव ने दावा किया कि अगर भगवान ने चाहा, तो मुंबई में उनकी पार्टी का मेयर भी बन सकता है और यह होकर रहेगा. उन्होंने बीजेपी पर तीखा हमला बोला, कहा कि उन्होंने शिवसेना को कागजों पर खत्म कर दिया है, लेकिन जमीनी स्तर पर कभी नहीं मिटा सकते. उद्धव ने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए साम, दाम, दंड, भेद हर हथकंडा अपनाया गया, और मुंबई को कॉरपोरेट घरानों के हवाले कर दिया गया. उन्होंने कहा, "गद्दार तो चले गए, लेकिन वफादारी नहीं खरीदी जा सकी."

BJP BMC election Brihanmumbai Municipal Corporation

Recent News