नई दिल्ली: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर लगाए गए गंभीर आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान जब पत्रकारों ने राहुल के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी तो फडणवीस ने तल्ख लहजे में कहा, ''राहुल गांधी जो मन में आए बोलते हैं. मैं इतना खाली नहीं हूं कि हर बे-सिर-पैर की बात का जवाब देने बैठ जाऊं. अगर कोई तर्कपूर्ण और बौद्धिक बात करेगा तो मैं जवाब दूंगा, लेकिन इस तरह की बकवास पर समय क्यों बर्बाद करूं?''
दरअसल, लोकसभा में चुनावी सुधारों पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने RSS पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने दावा किया कि संघ का असली मकसद देश की सभी प्रमुख संस्थाओं पर कब्ज़ा करना है. राहुल ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों के कुलपति अब मेरिट या अकादमिक योग्यता के आधार पर नहीं, बल्कि एक खास संगठन से जुड़ाव के आधार पर नियुक्त किए जा रहे हैं.
CBI, ED, इनकम टैक्स और खुफिया एजेंसियों को भी सुनियोजित तरीके से अपने इशारे पर नचाया जा रहा है. चुनाव आयोग पर भी कब्ज़ा कर लिया गया है. संघ को समानता की विचारधारा से दिक्कत है; वे सिर्फ पदानुक्रम में विश्वास करते हैं और खुद को सबसे ऊपर रखना चाहते हैं.
राहुल यहीं नहीं रुके. उन्होंने 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि नाथूराम गोडसे ने जो काम शुरू किया था, वह गांधीजी की हत्या के साथ खत्म नहीं हुआ, बल्कि उसके बाद संस्थाओं पर कब्ज़े का दूसरा चरण शुरू हुआ. राहुल के इन बयानों पर बीजेपी और RSS से जुड़े नेताओं में काफी नाराजगी है, वहीं फडणवीस ने इसे सीधे ''बकवास'' करार देकर बात खत्म कर दी. अब देखना यह है कि कांग्रेस इस मुद्दे को आगे कितना खींचती है.