नई दिल्ली: NEET-UG 2026 पेपर लीक और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) घोटाले के विरोध में शनिवार को जंतर-मंतर पर हुए बड़े प्रदर्शन के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) पर FIR दर्ज कर ली गई है. संगठन पर राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों और विदेशी फंडिंग का गंभीर आरोप लगाया गया है. प्रदर्शन की अगुवाई CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने की. हजारों छात्र-छात्राएं, युवा और आम नागरिक पोस्टर्स व बैनर्स लेकर जंतर-मंतर पहुंचे.
सोनम वांगचुक भी शामिल
प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा. अभिजीत दिपके ने अपने समर्थकों से पुलिसकर्मियों का फूल देकर स्वागत करने की अपील भी की थी. प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी प्रदर्शन में शामिल हुए. उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर 5 जून तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का हिस्सा बनेंगे.
CJP पर क्या आरोप?
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि CJP को विदेश से फंडिंग मिल रही है और यह संगठन राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल है. FIR दर्ज होने के बाद इस मुद्दे पर सियासी और सोशल मीडिया पर जोरदार बहस छिड़ गई है. CJP के समर्थक हालांकि इन आरोपों को खारिज करते हुए कह रहे हैं कि उनका संघर्ष सिर्फ शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और NEET जैसी परीक्षाओं की निष्पक्षता को लेकर है. उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई है.
CJP की शुरुआत कैसे हुई?
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की शुरुआत पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की कथित टिप्पणियों के विरोध में एक व्यंग्यात्मक अभियान के रूप में हुई थी. इसके बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. संगठन का दावा है कि उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर 2.2 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. अभिजीत दिपके बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं और युवा मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं.
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी. इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली की सीमाओं और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. कैब बुकिंग और सोशल मीडिया पर भी विशेष नजर रखी जा रही है. मामले की जांच अब पुलिस कर रही है. आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं.