नई दिल्ली: आरक्षण हटाओ आंदोलन चला रहे यूट्यूबर अजीत भारती के खिलाफ दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू थाने में एससी/एसटी ऐक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोप है कि उन्होंने सांसद चंद्रशेखर आजाद, बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर और अनुसूचित जाति के लोगों को लेकर जातिसूचक तथा अपमानजनक टिप्पणियां कीं. शिकायत में कहा गया है कि भारती ने बार-बार जाति आधारित गालियों और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. जाति आधारित नफरत फैलाने वाली टिप्पणियां कीं. संबंधित पक्षों को लेकर सेक्शुअल कमेंट्स और धमकियों का आरोप भी लगाया गया है.
विवाद कैसे शुरू हुआ?
विवाद एक वीडियो से शुरू हुआ. उसमें एक यूजर ने कमेंट किया था, ''अजीत भारती अपनी बहन की शादी चंद्रशेखर आजाद से करा दो तो आरक्षण खत्म हो जाएगा.'' इसके जवाब में अजीत भारती ने चंद्रशेखर आजाद को लेकर कहा कि वे उनके मुंह पर थूकना भी पसंद नहीं करेंगे. उन्होंने चंद्रशेखर की जाति का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें खुद को इतना योग्य बनाना पड़ेगा कि वे किसी सवर्ण की बेटी मांग सकें. साथ ही कमेंट करने वाले पर पलटवार करते हुए मां-बहन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं.
अजीत भारती ने क्या कहा?
FIR दर्ज होने के बाद अजीत भारती ने जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का खंडन किया. उन्होंने कहा, ''कोई मेरी मां या बहन पर सीधे बलात्कारी मानसिकता के साथ यह कहे कि उसका विवाह मैं चंद्रशेखर के साथ करा दूं, और मैं चुप रह जाऊं तो आप बताइए कि मैं कैसा पुत्र या भाई हूं? इतने पर भी चंद्रशेखर को लेकर मैंने कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोला.''
भारती ने आगे कहा कि अगर दोबारा ऐसी टिप्पणी की गई तो वे वैसा ही जवाब देंगे. उन्होंने दावा किया कि FIR दबाव में रात के 12 बजे लिखवाई गई है और कोर्ट में दो मिनट भी नहीं टिकेगी. उन्होंने सैनिक स्कूल के छात्र होने का जिक्र करते हुए कहा कि उनका मनोबल तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को कस्टडी में उनकी हत्या करनी पड़ेगी. उन्होंने सवर्ण समाज से सवाल किया कि क्या ऐसी टिप्पणी पर उन्हें चुप रह जाना चाहिए था?
क्या ब्राह्मणों की मां और बहनें रेप मानसिकता से संचालित गुंडों के शाब्दिक बलात्कार के लिए जन्म लेती हैं? यह मामला आरक्षण विरोधी आंदोलन और जाति आधारित टिप्पणियों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है. जांच आगे बढ़ने पर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है.