नई दिल्ली: भोजपुरी गायिका नेहा सिंह राठौर के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक पोस्ट के जरिए मोदी सरकार की आलोचना की. नेहा ने अपने पोस्ट में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को खुफिया और सुरक्षा विफलता बताया, जिसमें 26 नागरिकों की जान चली गई थी. इस पोस्ट को एक पाकिस्तानी पत्रकारों के समूह ने अपने एक्स हैंडल पर दोबारा शेयर किया, जिसमें नेहा ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब पहलगाम हमले के नाम पर बिहार में वोट मांगेंगे, जैसा कि उन्होंने 2019 के पुलवामा हमले के बाद किया था, जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे.
पुलिस ने नेहा के खिलाफ दर्ज एफआईआर में कहा है कि उनकी पोस्ट राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाती है और धर्म व जाति के आधार पर लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ भड़काने का काम करती है. एफआईआर के मुताबिक, नेहा ने लगातार सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किए, जिसमें उन्होंने पहलगाम हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को लेकर सवाल उठाए. इसके अलावा, एफआईआर में यह भी कहा गया कि नेहा की "राष्ट्रविरोधी" टिप्पणियां पाकिस्तान में वायरल हो रही हैं और वहां उनकी तारीफ हो रही है. पाकिस्तानी मीडिया इन बयानों का इस्तेमाल भारत के खिलाफ कर रहा है. नेहा पर यह भी आरोप है कि उन्होंने देश के कवि समुदाय और भारत की गरिमा को ठेस पहुंचाई है.
25 अप्रैल को पोस्ट किए गए अपने वीडियो में नेहा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति रूस-यूक्रेन युद्ध को रोक सकता है, वह अपने देश में आतंकी हमले को नहीं रोक पाया. नेहा ने पीएम के समर्थकों पर भी तंज कसा, जो उन्हें इस मुद्दे को "राजनीतिक" न बनाने की सलाह दे रहे थे. नेहा ने कहा, "मुझे सरकार से क्या सवाल करना चाहिए? शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे अब महत्वपूर्ण नहीं हैं. राष्ट्रवाद और हिंदू-मुस्लिम की राजनीति चरम पर है, फिर भी लोग मारे जा रहे हैं." उन्होंने पीएम की "56 इंच की छाती" का जिक्र करते हुए कहा कि इसके बावजूद लोग मर रहे हैं. नेहा ने यह भी दावा किया कि पीएम पहलगाम हमले के शिकार लोगों के नाम पर वोट मांगेंगे.
यह पहली बार नहीं है जब नेहा विवादों में आई हैं. 2023 में उनके गाने 'यूपी में का बा- सीजन 2' को लेकर उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार ने उन्हें नोटिस भेजा था. इस गाने में उन्होंने कानपुर देहात में एक मां-बेटी की मौत की घटना पर सरकार की आलोचना की थी, जो एक बेदखली अभियान के दौरान हुई थी.