रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. संजय नगर इलाके में किराए के मकान में एक पूरे परिवार के पांच सदस्यों के शव मिले. पिता की लाश फांसी पर लटकी हुई मिली, जबकि बाकी चार सदस्यों के मुंह और नाक से झाग निकला होने के कारण पुलिस को जहर खाने का शक है.
मृतकों की पहचान साजिद अली (50), उनकी पत्नी रबिया, बेटा इरशाद अली (19), बेटियां शाहिदा (17) और इशाबा बेगम (16) के रूप में हुई है. परिवार पिछले आठ महीनों से इस किराए के मकान में रह रहा था.
क्या है मामला?
पड़ोसियों ने बताया कि गुरुवार शाम से घर का दरवाजा अंदर से बंद था. शव देखने के बाद उन्होंने तुरंत टिकरापारा पुलिस को सूचना दी. पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घर को सील कर दिया गया. शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अंबेडकर अस्पताल भेज दिया गया है. स्थानीय लोगों के अनुसार, साजिद अली मौधापुरा में बैटरी रिपेयर का काम करते थे.
परिवार पर बैंक का कर्ज था और लोन रिकवरी एजेंट लगातार उनको परेशान कर रहे थे. आर्थिक तंगी के चलते घर में अक्सर झगड़े भी होते थे. पुलिस इन्हीं बातों को आत्महत्या का मुख्य कारण मान रही है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हर पहलू पर गौर किया जा रहा है. यह घटना कर्ज के बोझ और वसूली एजेंटों की उत्पीड़न वाली रणनीतियों पर फिर से सवाल खड़े कर रही है.