मानसून आने के बाद न सिर्फ बिहार, असम, महाराष्ट्र लोग परेशान हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश में भी भयावह स्थिति देखी जा रही है. भारी बारिश की वजह से राज्य की कई नदियां उफान पर है. कई जिलों में बाढ़ की स्थिति भी देखी जा रही है. गोंडा, लखीमपुर, बरेली, बस्ती में लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, वहीं बहराइच, श्रावस्ती और पीलीभीत में लोगों का बुरा हाल यहां भी बाढ़ की स्थिति देखी जा रही है.

मीडिया रिपोर्ट्स से जानकारी मिली है कि गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान से 38 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. वहीं नवाबगंज में भी बाढ़ का पानी भरना शुरू हो गया है. इस वजह से ढ़ेमवा घाट रोड पर जाम की स्थिति देखी जा रही है. गोंडा के तरबगंज इलाके के नदी में कई जगहों पर कटान देखी जा रही है, जिसने लोगों को भयभीत कर दिया है.

वहीं लखीमपुर के पलिया में बाढ़ के पानी से लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त है और पलिया हाईवे पर पानी आने से हाईवे को बंद किया गया है. इसी बीच जानकारी मिली है कि मैलानी-पलिया रेलवे ट्रैक तेज बहाव में कटकर हवा में लटक गया है.
बरेली के 94 गांवों में बाढ़ की स्थिति
जानकारी मिली है कि बरेली में नदियां उफनाने से 94 गांव में बाढ़ की स्थिति देखी जा रही है. वहीं बारिश के कारण कम से कम 6 मकान जमींदोज होने की खबर मिल रही है. बहेड़ी के 32 गांव, फरीदपुर के 26 गांव भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. नबाबगंज के 24 गांव, मीरगंज के 12 गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है.

नबाबगंज और भुता के कई गांव जलमग्न
इधर बस्ती के विक्रमजोत में एक दर्जन गावों में सरयू का पानी घुस गया है और जिले की सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता ही जा रहा है. साथ ही श्रावस्ती के जमुनहा, इकौना क्षेत्र में लोग भी बाढ़ से प्रभावित है. बाढ़ की वजह से इकौना के कई मार्ग जलमग्न हुए हैं और माधवपुर घाट मार्ग कट गया है. इसी बीच जानकारी मिली है कि बहराइच में भी सरयू नदी ने लाल निशान को बार कर लिया है.

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