पटना: नेपाल के रसुवा जिले में ग्लेशियल लेक फटने से आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार में विनाशकारी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. चीन सीमा से सटे तिब्बत इलाके के पास हुई इस घटना से नेपाल में जल प्रलय आ गया है, जहां हजारों लोग लापता बताए जा रहे हैं. इससे उत्तर बिहार, खासकर गंडक नदी से जुड़े इलाकों में पानी का जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री आवास में आपात बैठक बुलाकर सभी संबंधित जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली समेत अन्य संवेदनशील जिलों में पूरी सतर्कता बरती जाए. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें अग्रिम रूप से तैनात की जा रही हैं.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम सम्राट चौधरी से फोन पर बात की और बाढ़ से निपटने के लिए केंद्र की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया. जल संसाधन विभाग ने गंडक बैराज के गेट खोलने और नहरों में पानी प्रवाहित करने के निर्देश दिए हैं ताकि जलप्रवाह का सुरक्षित प्रबंधन हो सके.
हाजीपुर समेत तटवर्ती इलाकों में माइकिंग कराई जा रही है और लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है. डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने कहा कि लोग घबराएं नहीं, लेकिन अगले 5-6 घंटे से लेकर पूरी रात अलर्ट रहें. गंडक बराज में 80 हजार क्यूसेक डिस्चार्ज हुआ है और पानी तेजी से आ सकता है.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है. सभी आवश्यक संसाधन और बचाव दल तैयार हैं. नागरिकों से अपील की गई है कि सिर्फ आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें.