मुंबई: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) ने नया रिकॉर्ड बना लिया है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में देश का फॉरेक्स रिजर्व 12.422 अरब डॉलर बढ़कर 729.328 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया.
यह लगातार आठवें सप्ताह में हुई बढ़ोतरी है. इस अवधि में भंडार में करीब 63 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई है. इससे पहले फरवरी में 728.494 अरब डॉलर का रिकॉर्ड बना था, जिसे अब पार कर लिया गया है.
क्या बढ़ा और कितना?
डॉलर इनफ्लो बढ़ाने के उपाय कारगर
जून में सरकार और RBI ने विदेशी डॉलर प्रवाह आकर्षित करने के लिए कई कदम उठाए थे. इनमें सरकारी कंपनियों और बैंकों के विदेशी उधारी पर रियायती हेजिंग सुविधा तथा बैंकों को विदेशी मुद्रा जमा जुटाने के लिए मुफ्त हेजिंग सुविधा शामिल थी. 5 जून से 21 अगस्त के बीच इन योजनाओं के तहत करीब 73 अरब डॉलर का प्रवाह आया, जिसमें गैर-निवासी भारतीयों की जमा से लगभग 65 अरब डॉलर शामिल हैं.
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस सप्ताह की बढ़ोतरी में RBI द्वारा डॉलर खरीद और मुद्राओं के पुनर्मूल्यांकन (revaluation) दोनों का योगदान रहा. FCNR-B स्वैप विंडो बंद होने से पहले बैंकों द्वारा जमा जुटाने की होड़ भी इसमें शामिल रही. RBI की रुपये को सहारा देने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में नियमित हस्तक्षेप ने कुछ इनफ्लो के प्रभाव को संतुलित भी किया. भू-राजनीतिक तनाव के कारण पहले भंडार में गिरावट आई थी, लेकिन अब यह फिर मजबूत रुख दिखा रहा है.