मुंबई/रायगड: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने महाराष्ट्र के रायगड जिले में CGST के अतिरिक्त आयुक्त और IRS अधिकारी विनय कुमार कनहेती (IRS-2009) को 40 लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया है. साथ ही CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और एक निजी व्यक्ति नरिंदर राजपूत को भी गिरफ्तार किया गया. हालांकि, ठाणे की विशेष अदालत ने इनकी गिरफ्तारी को अवैध करार देते हुए रिमांड की अर्जी खारिज कर दी और उन्हें बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया.
CBI ने 26 अगस्त को CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा के खिलाफ मामला दर्ज किया था. आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता की स्टोन-क्वेरिंग फर्म के GST/रॉयल्टी मामले को निपटाने के लिए 1.50 करोड़ रुपए की रिश्वत की मांग की थी. बातचीत के बाद मांग घटाकर 40 लाख रुपए कर दी गई. आरोपी अधिकारियों ने निजी व्यक्ति के जरिए रिश्वत लेने का इंतजाम किया और शिकायतकर्ता को भुगतान करने का निर्देश दिया.
CBI ने ट्रैप लगाकर निजी व्यक्ति को 40 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा. बाद में CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और अतिरिक्त आयुक्त विनय कुमार कनहेती ने भी रिश्वत स्वीकार करने की बात स्वीकार की. आरोपियों के परिसरों की तलाशी में 43 लाख रुपए नकद और करीब 90 लाख रुपए के गहने बरामद हुए.
कोर्ट ने कहा- गिरफ्तारी अवैध
ठाणे की विशेष अदालत ने CBI की रिमांड अर्जी पर सुनवाई करते हुए अतिरिक्त आयुक्त विनय कुमार कनहेती समेत तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी को अवैध माना. अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी के समय आरोपियों को गिरफ्तारी के आधार और कारण ठीक से नहीं बताए गए, न ही उनके रिश्तेदारों को लिखित रूप से सूचित किया गया. सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए अदालत ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकारों पर जोर दिया.
अदालत ने आगे हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं मानी, क्योंकि कथित रिश्वत की रकम पहले ही जब्त हो चुकी है और मोबाइल फोन भी बरामद हो गए हैं. तीनों आरोपियों को 15-15 हजार रुपए के व्यक्तिगत बॉन्ड और समान राशि की जमानत पर तत्काल रिहा करने का आदेश दिया गया. उन्हें जांच में सहयोग करने का भी निर्देश दिया गया.
मामले की आगे की जांच जारी है.