मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ की घटना को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में इतना स्पष्ट है कि भावनपुर क्षेत्र के एक होटल में नाबालिग इंटर छात्रा को ले जाकर दुष्कर्म का आरोप सामने आया है. पुलिस ने दो युवकों और होटल संचालक समेत आरोपियों के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है.
मेरठ में नाबालिग इंटर की छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म के मामले ने पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ सियासी सवाल भी खड़े कर दिए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक खरदौनी गांव के दो युवकों पर आरोप है कि उन्होंने स्कूल जा रही छात्रा का अपहरण किया और उसे भावनपुर क्षेत्र के एक होटल में ले गए, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया. मामले में पुलिस ने समीर और तालिब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल होटल संचालक की भूमिका को लेकर है. पुलिस ने होटल संचालक के खिलाफ भी अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज किया है. यानी जांच में उसकी भूमिका को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया गया है. जानकारी के अनुसार घटना के बाद होटल पर हंगामा भी हुआ और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों तथा पीड़िता को थाने लाया था.
अब सवाल यह है कि जब दो मुख्य आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं, तो नामजद होटल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की स्थिति क्या है? इसी को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं.
सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर होटल मालिक के राजनीतिक संपर्कों को लेकर भी चर्चाएं हैं. BJP नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें सामने आने के दावे किए जा रहे हैं. अब सबसे अहम सवाल यही है कि पुलिस जांच कब तक होटल संचालक की भूमिका स्पष्ट करती है और कानून सभी आरोपियों पर समान रूप से लागू होता है या नहीं.