कोलकाता: विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने बंगाल में दुर्गा पूजा से पहले शुक्रवार को आयोजकों के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. संगठन ने पारंपरिक रीति-रिवाजों को बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि पूजा पंडालों में और उनके आसपास नॉन-वेजिटेरियन भोजन न बेचा जाए और न ही खाया जाए.
VHP ने स्पष्ट किया कि वह उत्सव के दौरान नॉन-वेज पर पूरी तरह पाबंदी की मांग नहीं कर रही है. संगठन मानता है कि बंगाल की दुर्गा पूजा कभी सख्ती से शाकाहारी नहीं रही है. हालांकि, मां दुर्गा की मूर्ति की पवित्रता बनाए रखना जरूरी है और उसे नॉन-वेज भोजन के संपर्क से दूर रखा जाना चाहिए.
VHP के केंद्रीय सलाहकार परिषद के सदस्य निर्गुणानंद ने मीडिया से कहा, “हम यह नहीं कह रहे कि पूजा के दौरान नॉन-वेज खाना पूरी तरह बंद हो जाए. हमें पता है कि बंगाल की पूजा कभी पूरी तरह शाकाहारी नहीं रही. लेकिन मां की मूर्ति की पवित्रता जरूर बरकरार रखी जानी चाहिए.”
उन्होंने कहा कि सनातनियों का कर्तव्य है कि वे मूर्ति की पवित्रता और पंडाल के आसपास स्वच्छता बनाए रखें. अगर नॉन-वेज बेचना जरूरी हो, तो उसे पंडाल से दूर निर्दिष्ट जगह पर ही बेचा जाए, ताकि खाने के अवशेष पंडाल के पास न पहुंचें.
VHP ने यह भी संकेत दिया कि अगर पूजा समितियां मूर्ति की पवित्रता बनाए रखने के लिए कदम नहीं उठातीं, तो संगठन हस्तक्षेप कर सकता है. संगठन ने “धर्म व्यक्तिगत है, लेकिन त्योहार सबके लिए” वाले तर्क पर भी आपत्ति जताई. निर्गुणानंद ने कहा कि अन्य धर्मों के लोग पूजा पंडालों में स्वागत योग्य हैं, लेकिन हिंदू धार्मिक रीति-रिवाजों को बनाए रखने की जिम्मेदारी सिर्फ हिंदुओं की है.