भारत को तेल-उर्वरक की कोई कमी नहीं होगी! जयशंकर ने पुतिन से की तगड़ी डील, रूस ने दिया बड़ा भरोसा

Amanat Ansari 25 Aug 2026 01:43 PM 2 Mins
भारत को तेल-उर्वरक की कोई कमी नहीं होगी! जयशंकर ने पुतिन से की तगड़ी डील, रूस ने दिया बड़ा भरोसा

मॉस्को: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है. सोमवार को हुई इस बैठक में व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक और परमाणु सहयोग समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई. पुतिन ने भारत को उर्वरकों की आपूर्ति बढ़ाने और इसे जारी रखने का भरोसा दिया.

जयशंकर रूस की दो दिवसीय यात्रा पर रविवार को मॉस्को पहुंचे थे. यह दौरा 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले हो रहा है, जिसमें पुतिन के भारत आने की उम्मीद है. मुलाकात के दौरान जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्यक्तिगत संदेश और शुभकामनाएं पुतिन तक पहुंचाईं. उन्होंने कहा कि मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन में पुतिन से मिलने और फिर ब्रिक्स समिट के लिए भारत में उनका स्वागत करने को उत्सुक हैं. बाद में दोनों नेताओं की सालाना शिखर बैठक भी हो सकती है.

जयशंकर ने रूस के उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के साथ भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-TEC) की 27वीं बैठक की सह-अध्यक्षता भी की. इस दौरान दोनों पक्षों ने व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई.

जयशंकर ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 2021-22 में करीब 13 अरब अमेरिकी डॉलर से चार गुना बढ़कर 2025-26 में लगभग 60 अरब डॉलर हो गया है. हालांकि, व्यापार असंतुलन भी 6.6 अरब डॉलर से बढ़कर 50 अरब डॉलर से अधिक हो गया है. उन्होंने कहा कि इस असंतुलन को दूर करना आज की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है. बाजार पहुंच बढ़ाने, शुल्क और गैर-शुल्क बाधाओं को हटाने तथा भुगतान तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचाया जा सके.

रूसी समाचार एजेंसी तास के अनुसार, पुतिन ने कहा कि रूस भारतीय किसानों और कृषि क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए उर्वरकों की आपूर्ति बढ़ा रहा है और आगे भी ऐसा करने को तैयार है. उन्होंने बताया कि इस साल भारत-रूस व्यापार फिर बढ़ रहा है. पुतिन ने जयशंकर की यात्रा को दोनों देशों के दशकों पुराने गहरे रिश्तों का प्रतीक बताया. बैठक में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी मौजूद रहे.

जयशंकर ने कहा कि जटिल अंतरराष्ट्रीय हालात के बावजूद भारत-रूस साझेदारी लगातार मजबूत और अनुकूलनशील साबित हुई है. आर्थिक सहयोग व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु और अन्य क्षेत्रों में काफी आगे बढ़ा है. दोनों पक्षों ने सहयोग को और विस्तार देने पर सहमति जताई है. यह मुलाकात भारत-रूस संबंधों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है, खासकर ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी के मद्देनजर

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