आजादी के बाद पहली बार! बिहार में भूमिहीन सवर्णों का डेटा जुटाएगी सरकार, घर के लिए मिलेगी जमीन

Amanat Ansari 08 Oct 2026 07:07 PM 1 Mins
आजादी के बाद पहली बार! बिहार में भूमिहीन सवर्णों का डेटा जुटाएगी सरकार, घर के लिए मिलेगी जमीन

पटना: बिहार सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. आजादी के बाद पहली बार राज्य में भूमिहीन सवर्ण परिवारों का विस्तृत डेटा जुटाया जाएगा. उच्च जाति आयोग ने सभी जिलों के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वे कर भूमिहीन सवर्णों की सूची तैयार करें.

इस पहल का मकसद जरूरतमंद सवर्ण परिवारों को वासगीत (घर बनाने की जमीन) का पर्चा उपलब्ध कराना और उन्हें केंद्र व राज्य की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है. अब तक ज्यादातर सरकारी योजनाएं जातिगत आधार पर चलती थीं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण परिवार अक्सर लाभ से वंचित रह जाते थे.

राज्य उच्च जाति आयोग के अध्यक्ष महाचंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सारण, पटना, मगध और दरभंगा प्रमंडलों के नोडल अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई. आयोग के उपाध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद और सदस्य जयकृष्ण झा भी मौजूद रहे. अधिकारियों को भूमिहीन सवर्णों की आर्थिक स्थिति, आवासीय स्थिति और जमीन की उपलब्धता का ब्योरा जुटाने को कहा गया है.

जाति सर्वे के आंकड़ों के अनुसार बिहार में सवर्ण आबादी करीब 15.52 प्रतिशत है. इस डेटा से 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण का वास्तविक लाभ धरातल पर पहुंचाने में भी मदद मिलेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राज्य की भावी नीतियों और चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है.

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