भारतीय विदेश मंत्रालय (Indian Foreign Ministry) ने पाकिस्तान (Pakistan) को लेकर बड़ी जानकार दी है. दरअसल, शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation) को लेकर विदेश मंत्रालय ने बताया है कि भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) एससीओ (SCO) में शामिल होने पाकिस्तान जाएंगे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (Foreign Ministry spokesperson Randhir Jaiswal) ने जानकारी दी है कि विदेश मंत्री एस जयशंकर के पाकिस्तान दौरे के साथ ही मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू (President of Maldives Muizz) का भारतीय दौरा भी प्रस्तावित है. प्रवक्ता रणधीर ने जानकारी दी है कि एससीओ सम्मेलन में भाग लेने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर भी जाएंगे.
गौरतलब हो कि आगामी 15 और 16 अक्टूबर को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एससीओ सम्मेलन होना है. इस सम्मेलन में भारत-पाकिस्तान के साथ-साथ चीन, रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान के शीर्ष नेता शामिल होंगे. इसके अलावा मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू भारत के दौरे पर आएंगे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता (Randhir Jaiswal) ने कहा है कि मुइज्जू 7 से 10 अक्टूबर तक भारत की यात्रा पर रहेंगे. इससे पहले जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) जब तीसरी बार पीएम पद की शपथ ले रहे थे, तो राष्ट्रपति मुइज्जू भारत आए थे और पीएम मोदी की शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे.
सूत्रों से जानकारी मिली है कि राष्ट्रपति मुइज्जू की यह यात्रा व्यापारिक और अन्य संबंधों को मजबूत करने को लेकर है. वहीं पश्चिम एशिया संकट (West Asia Crisis) को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत ने कुछ दिन पहले ही एक बयान जारी कर हालातों पर गहरी चिंता व्यक्त की थी. भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने के लिए कहा था. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि हमारी राय है कि यह हिंसक संघर्ष और व्यापक न हो जाए. अभी तक इजरायल, ईरान अन्ये देशों से उड़ानें संचालित हो रही हैं, इसलिए लोगों के पास विकल्प है कि वे सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं.
विदेश मंत्रालय की तरफ से जानकारी दी गई है कि लेबनान, ईरान और इजरायल में मौजूद लोगों ने भारतीय दूतावासों से संपर्क साधा है, लेकिन अभी कोई भी निकासी प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है. जानकारी मिली है कि लेबनान में 3000, ईरान में 10000 और इजरायल में करीब 30000 भारतीय लोग हैं. जाकिर नाइक के पाकिस्तान दौरे को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह हमारे लिए आश्चर्य की बात नहीं है. उन्होंने कहा है कि यह निराशाजनक और निंदनीय है, लेकिन आश्चर्यजनक नहीं है.