राफेल लड़ाकू विमान गिराने पर बोले विदेश सचिव- ''सही समय आने पर बताएंगे'', भारत के 15 सैन्य ठिकानों पर हमलों को लेकर भी दिया जवाब

Amanat Ansari 08 May 2025 06:50: PM 3 Mins
राफेल लड़ाकू विमान गिराने पर बोले विदेश सचिव- ''सही समय आने पर बताएंगे'', भारत के 15 सैन्य ठिकानों पर हमलों को लेकर भी दिया जवाब

नई दिल्ली: भारत सरकार ने गुरुवार, 8 मई 2025 को स्पष्ट किया कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी हमला, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी, ही भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की असली वजह था. इस हमले के जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए. इसके बाद पाकिस्तान ने भारत के 15 सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले की कोशिश की, जिसके जवाब में भारत ने लाहौर में पाकिस्तान के प्रमुख एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया. विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पहलगाम हमला ही इस तनाव का मूल कारण था, और भारत ने केवल उसी का जवाब दिया. राफेल लड़ाकू विमान को गिराने की बात पर उन्होंने कहा कि सही समय आने पर बताएंगे.

विक्रम मिश्री ने प्रेस ब्रीफिंग में एक तस्वीर भी दिखाई, जिसमें पाकिस्तानी सेना और पुलिस के जवान मारे गए आतंकियों के ताबूतों के पीछे नमाज पढ़ते नजर आए। एक मामले में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का एक आतंकी अंतिम प्रार्थना का नेतृत्व कर रहा था। मिश्री ने सवाल उठाया, "अगर इन हमलों में सिर्फ नागरिक मारे गए, जैसा कि पाकिस्तान दावा करता है, तो यह तस्वीर दुनिया को क्या संदेश देती है?" उन्होंने आगे कहा, "यह अजीब है कि नागरिकों के ताबूतों को पाकिस्तानी झंडे में लपेटा जा रहा है और उन्हें राजकीय सम्मान दिया जा रहा है।" मिश्री ने पाकिस्तान के दावे को खारिज करते हुए कहा कि भारत ने केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, और मारे गए लोग आतंकी थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "आतंकियों का राजकीय अंतिम संस्कार करना शायद पाकिस्तान की प्रथा है, लेकिन हमें यह समझ नहीं आता।"

पाकिस्तान पर भारत का हमला

विक्रम मिश्री ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "22 अप्रैल का पहलगाम हमला असली उकसावा था, और भारतीय सशस्त्र बलों ने कल इसका जवाब दिया." उन्होंने 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) का जिक्र किया, जिसने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली थी. मिश्री ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में इस हमले पर चर्चा हुई, तो पाकिस्तान ने TRF की भूमिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत ने केवल आतंकी ढांचे को निशाना बनाया, न कि पाकिस्तान की सैन्य सुविधाओं को. मिश्री ने कहा, "भारत की कार्रवाई गैर-वृद्धिकारी, सटीक, और संतुलित थी. हमारा इरादा तनाव बढ़ाने का नहीं है, हम केवल उकसावे का जवाब दे रहे हैं."

पाकिस्तान की हरकतें उजागर

मिश्री ने पाकिस्तान को वैश्विक आतंकवाद का केंद्र बताते हुए कहा कि हाल के दिनों में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री और पूर्व विदेश मंत्री ने अपने देश के आतंकी समूहों से संबंधों को स्वीकार किया है. उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान की ओर से पुंछ और अन्य इलाकों में किए गए हमलों में 16 नागरिक मारे गए. मिश्री ने एक अजीब बात पर ध्यान दिलाया कि पाकिस्तान में मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार में उनके ताबूतों को राष्ट्रीय ध्वज में लपेटा गया और उन्हें राजकीय सम्मान दिया गया. बुधवार को पाकिस्तान और PoK से आई वीडियो में दिखा कि भारत के हमलों के बाद हुए अंतिम संस्कार में पाकिस्तानी सेना, पुलिस, सिविल अधिकारी, और प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा (JuD) के सदस्य शामिल थे. JuD की स्थापना हाफिज सईद ने की थी, जो भारत में कई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड रहा है.

ऑपरेशन सिंदूर की खासियत

ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना और वायुसेना ने नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, जिसमें 100 आतंकी मारे गए. भारत ने साफ किया कि उसने केवल आतंकी ढांचे को निशाना बनाया और आम नागरिकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया. इस ऑपरेशन की सटीकता की तारीफ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी की थी. भारत ने सैटेलाइट तस्वीरों और अन्य सबूतों के साथ दुनिया को दिखाया कि उसने केवल आतंकी ठिकानों को ही नष्ट किया. इसके बावजूद, पाकिस्तान ने दावा किया कि भारत के हमलों में नागरिक मारे गए. मिश्री ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देने की अपनी नीति को छिपाने की कोशिश कर रहा है.

भारत की नीति स्पष्ट

विक्रम मिश्री ने भारत की नीति को दोहराते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलता है. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत के मजबूत रुख का प्रतीक है. भारत ने यह भी साफ किया कि वह तनाव बढ़ाने के पक्ष में नहीं है, लेकिन अगर कोई उकसावा होगा, तो उसका जवाब जरूर दिया जाएगा. मिश्री की ब्रीफिंग ने न केवल भारत की स्थिति को स्पष्ट किया, बल्कि पाकिस्तान की आतंकवाद को समर्थन देने वाली नीतियों को भी बेनकाब किया.

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