लखनऊ: उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (यूपी विजिलेंस) ने एक बार फिर भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसा है. बहराइच के पयागपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेन्द्र प्रताप श्रीवास्तव को बुधवार को लखनऊ के वेव मॉल के पास से गिरफ्तार कर लिया गया.
पूर्व विधायक को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में धारा 13(1)बी सपठित धारा 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तारी के बाद उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया.
जांच में क्या निकला?
विजिलेंस की जांच में पाया गया कि पूर्व विधायक ने अपने कार्यकाल के दौरान वैध आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति बनाई. उनके खिलाफ पहले से ही तीन अन्य मुकदमे दर्ज हैं. इसके अलावा मुकेश श्रीवास्तव पर एनआरएचएम घोटाले के कई बड़े मामलों में आरोप हैं. श्रावस्ती, बलरामपुर (वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2021-22), गोंडा जैसे जिलों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं और अलग-अलग सतर्कता थानों में एफआईआर दर्ज हैं.
विजिलेंस का बयान
विजिलेंस के अनुसार, एनआरएचएम घोटाले से जुड़ी लंबे समय से चल रही जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई है. अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है और नए तथ्य सामने आने पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी.
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