अटारी-वाघा बॉर्डर: सिनेमा और संगीत की ताकत एक बार फिर सीमा की दीवारों को पल भर के लिए तोड़ गई. पाकिस्तान के एक फैन ने लाहौर से 20 किलोमीटर की दूरी तय कर अटारी-वगाह बॉर्डर पहुंचकर फिल्मकार इम्तियाज अली और संगीतकार एआर रहमान से मुलाकात की और दिल छू लेने वाला पल शेयर किया.
फिल्म मैं वापस आऊंगा के प्रमोशन के तहत इम्तियाज अली और एआर रहमान हाल ही में अटारी-वाघा बॉर्डर पहुंचे थे. वहां "जय हो – ए म्यूजिकल सैल्यूट टू द ब्रेवहार्ट्स" कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें रहमान ने बॉर्डर पर पहली बार लाइव परफॉर्मेंस दी.
इस कार्यक्रम में भारत की बड़ी संख्या में भीड़ के साथ पाकिस्तान से भी कई फैंस पहुंचे. इन्हीं में शामिल एक पाकिस्तानी फैन ने इंस्टाग्राम पर अपना अनुभव शेयर किया. उसने लिखा, "ज्यादातर लाहौर वाले भारत से 20 किमी दूर रहते हैं. मैं भी. एक रविवार दोपहर में गुलबर्ग से ये 20 किमी सिर्फ 20 मिनट का सफर बन जाता है. इंस्टाग्राम रील में इम्तियाज अली को देखा कि वो ए.आर. रहमान और टीम के साथ बॉर्डर पर आने वाले हैं. बस 20 मिनट में फैसला हो गया."
फैन ने बताया कि 2004 के बाद वो पहली बार बॉर्डर गया था. उसे बॉर्डर का कॉन्सेप्ट कभी पसंद नहीं रहा. उसके अनुसार, "बॉर्डर तभी मायने रखते हैं जब वे दोस्ताना और खुले हों." उसने ये भी याद दिलाया कि दोनों तरफ के लोग पंजाबी जड़ों, भाषा और संस्कृति में एक ही हैं.
मुलाकात का वो पल...
फैन ने बताया, "मैं जल्दी से बॉर्डर पहुंच गया. एक दोस्त ने मुझे जीरो पॉइंट तक पहुंचा दिया, जहां भारतीय और पाकिस्तानी बात कर सकते हैं, अभिवादन कर सकते हैं लेकिन छू नहीं सकते. वहां पहुंचते ही मैंने घुंघराले सफेद बाल देखे और बिना समय गंवाए चिल्लाया- इम्तियाज़्ज़्ज़... इम्तियाज़्ज़्ज़! मुझे लगता है इम्तियाज अली घबराकर मुड़े."
उसने इम्तियाज अली को बताया कि पाकिस्तान में उनकी फिल्में, संगीत और कहानियां कितनी पसंद की जाती हैं और पूरी पीढ़ी के फिल्मकारों पर उनका कितना असर पड़ा है. इम्तियाज अली ने मुस्कुराते हुए शुक्रिया कहा. मुलाकात का सबसे भावुक पल तब आया जब फैन ने इम्तियाज अली से कहा- "मैं वापस आऊंगा".
भारतीय तरफ से तालियां और मुस्कानें बरस पड़ीं. पल भर के लिए लगा जैसे सीमा की दीवार गायब हो गई हो और कला ने दोनों देशों को जोड़ दिया हो. फिल्म मैं वापस आऊंगा 1947 के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बनी है. इसमें विभाजन, यादें, विस्थापन और घर वापसी की भावनाओं को दिखाया गया है.
फिल्म में दिलजीत दोसांझ, वेदांग रैना, शरvari और नसीरुद्दीन शाह मुख्य भूमिकाओं में हैं. फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. यह दिल छू लेने वाली घटना सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है और लोगों को उम्मीद जगा रही है कि कला सीमाओं से परे लोगों को जोड़ सकती है.