सिद्धार्थनगर: भारत की सीमा में अवैध घुसपैठ की एक बड़ी घटना में दो चीनी नागरिकों को कोर्ट ने कड़ी सजा सुनाई है. नेपाल से ककरहवा बॉर्डर के रास्ते बिना वैध वीजा के भारत में दाखिल होने की कोशिश करने वाले दोनों चीनी युवकों को 2 वर्ष 15 दिन की कैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है.
घटना क्या थी?
वर्ष 2024 में मोहाना थाना क्षेत्र के ककरहवा बॉर्डर पर सिद्धार्थनगर पुलिस ने दोनों चीनी नागरिकों को पकड़ा था. पूछताछ में उनके नाम झोऊ प्यूलिन (पिता का नाम झोऊ यानमिन) और युवान यूहान (पिता का नाम योआन यंग) सामने आए. दोनों चीन के चांग गिक्युंग युबेई (लांजिक्सी स्ट्रीट, हुआई रोड हुवान) के निवासी बताए गए.
दोनों ने स्वीकार किया कि उनके पास भारत आने के वैध कागजात नहीं थे, फिर भी वे भूलवश सीमा पार कर आए थे. पुलिस ने विदेशी अधिनियम-1946 की धारा 14(अ) के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया.
सीजेएम अनुभव कटियार की अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों दोषियों को दो वर्ष 15 दिन की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया. जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान है.
यह घटना सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ के खिलाफ भारत सरकार की सख्त नीति को दोहराती है. विशेषकर नेपाल-भारत खुली सीमा वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है. पुलिस और प्रशासन ने दोनों को जेल भेज दिया गया है. यह मामला उन विदेशी नागरिकों के लिए चेतावनी है जो बिना दस्तावेज के भारत में घुसने की कोशिश करते हैं.