लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बड़ी बेटी अदिति यादव का नाम सोशल मीडिया पर चर्चा में है. हालांकि, उनके बारे में वायरल किए जा रहे कई दावे और तस्वीरें जांच में पूरी तरह फर्जी साबित हुई हैं.
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर अदिति यादव को लेकर कई तस्वीरें और दावे वायरल किए गए, जिनमें उन्हें लेकर सनसनीखेज आरोप लगाए गए. युवक ने 7 करोड़ रुपये और नाइजियन मुस्लिम युवक के साथ भागने की बात कहीं, लेकिन स्वतंत्र फैक्ट-चेक और डिजिटल जांच में पाया गया कि वायरल तस्वीरें AI तकनीक से तैयार की गई थीं. इन दावों के समर्थन में न कोई पुलिस रिपोर्ट सामने आई, न कोई आधिकारिक दस्तावेज और न ही किसी सरकारी एजेंसी ने ऐसी किसी घटना की पुष्टि की. सपा के नेताओं ने मुकदमें को लेकर तहरीर दी है.
विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावी माहौल में नेताओं और उनके परिवारों को निशाना बनाकर फर्जी खबरें फैलाने की घटनाएं बढ़ जाती हैं. अदिति यादव के मामले में भी अब तक उपलब्ध सभी तथ्यों और जांच रिपोर्टों से यही स्पष्ट होता है कि उनके खिलाफ वायरल किए गए आरोपों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है और उन्हें केवल सोशल मीडिया अफवाह माना जाना चाहिए.
अदिति यादव, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव की बड़ी बेटी हैं. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा लखनऊ के प्रतिष्ठित ला मार्टिनियर गर्ल्स इंटर कॉलेज से पूरी की. वर्ष 2020 में ISC 12वीं बोर्ड परीक्षा में उन्होंने 98 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. उनकी इस उपलब्धि पर अखिलेश यादव ने सार्वजनिक रूप से बधाई भी दी थी, जिस पर अदिति ने सोशल मीडिया के माध्यम से धन्यवाद व्यक्त किया था.
उच्च शिक्षा के लिए अदिति ने ब्रिटेन की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन में प्रवेश लिया, जहां उन्होंने पॉलिटिक्स एंड इंटरनेशनल अफेयर विषय में पढ़ाई की. अब तक उनकी पहचान एक मेधावी छात्रा और राजनीतिक परिवार की सदस्य के रूप में रही है.