अमरोहा: अमेरिका-इजरायल युद्ध के दौरान ईरान को आर्थिक मदद भेजने का मामला उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के दो युवकों के लिए मुसीबत बन गया है. सऊदी अरब की पुलिस ने दम्माम शहर में रह रहे मोहम्मद राहिब और मोहम्मद जफर नामक दो सगे भाइयों को हिरासत में ले लिया है. मार्च के अंत से दोनों भाई हिरासत में हैं और उनके परिवार से करीब सवा दो महीने से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है.
परिवार के अनुसार, दोनों भाई शिया समुदाय से हैं. मार्च में जब ईरान पर अमेरिकी हमलों और आयातुल्लाह खामेनेई की मौत की खबर आई, तब अमरोहा में ईरान के समर्थन में चंदा किया जा रहा था. मां फरजाना के कहने पर दोनों भाइयों ने 200 रियाल ईरान को भेजे थे. इसी के चलते सऊदी पुलिस ने 27 और 30 मार्च को उन्हें हिरासत में लिया.
दोनों भाई नौगावां सादात कस्बे के मोहल्ला बंगला निवासी हैं. पिता हसन अब्बास पैरालाइज्ड हैं, मां गृहिणी हैं. राहिब लगभग 5 साल पहले फैमिली ड्राइवर की नौकरी पर सऊदी गए थे. नौ महीने पहले छोटे भाई जफर को भी बुलाकर नौकरी लगवाई थी. परिवार ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर दोनों बेटों की मदद की अपील की है.
परिजनों का कहना है कि उन्होंने सिर्फ मां के हुक्म पर धार्मिक भावना से छोटी राशि भेजी थी, लेकिन इसे लेकर दोनों बेटों पर संकट आ गया. परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है क्योंकि इतने लंबे समय तक कोई खबर न मिलने से माता-पिता और बहन बेहद परेशान हैं. विदेश मंत्रालय से जल्द हस्तक्षेप की मांग की जा रही है.