बंगलूरू: कर्नाटक के पूर्व डीजीपी ओम प्रकाश की हत्या का खुलासा हो चुका है. उनकी पत्नी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. अगर सूत्रों की मानें तो पत्नी का कहना है कि “मैंने राक्षस को मार दिया” है. पत्नी ने पहले तो पति के चेहरे पर चिली पाउडर फेंका, उसके बाद चाकू लेकर बेरहमी से उन्हें मौत के घाट उतार दिया. लेकिन अब ये सवाल खड़े होने लगे हैं कि जिस पत्नी के इलाज में ओम प्रकाश लाखों रुपये खर्च कर रहे थे, 10 साल से उसका इलाज कर रहे थे उसी ने अपने पति की जान क्यों ले ली.
पत्नी ने गुनाह कबूल किया
देश में लगातार कई जगहों से पत्नी द्वारा पति की हत्या की खबरें आए दिन सामने आ रही हैं, लेकिन किसी ने भी नहीं सोचा होगा कि जिस अधिकारी ने पूरे राज्य की कानून व्यवस्था को संभाला, उसे भी पत्नी के द्वारा ही बेरहमी के मार दिया जाएगा, क्या रिश्तों की दरार इतना खतरनाक रूप भी ले सकती है? ओम प्रकाश मूल रूप से बिहार के चंपारण जिले के रहने वाले थे, जो 1981 बैच के आईपीएस अधिकारी थी. उनका शव रविवार को उन्हीं के घर में क्षतविक्षत अवस्था में मिला था, चारों तरफ खून ही खून फैला हुआ था, देख कर ही अंदाजा लगाया जा सकता था कि किसी ने बड़ी ही बेरहमी के साथ पूर्व अधिकारी को मारा होगा. लेकिन जब पुलिस ने उनकी पत्नी पल्लवी से पूछताछ की तो वो ज्यादा देर तक इस सच को छिपा नहीं पाईं, और पुलिस को बता दिया कि मैंने ही अपने पति की हत्या की है. सूत्रों की मानें तो पल्लवी ने हत्या करने के बाद अपनी एक दोस्त को कॉल करके ये भी कहा था कि मैंने राक्षस को मार डाला है.
बताया जा रहा है कि ओम प्रकाश और उनकी पत्नी के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था. इसी झगड़े के बीच पल्लवी ने गुस्से में पहले तो चिली पाउडर ओम प्रकाश की आंखों में मार दिया, जब वो मिर्च की वजह से तड़पने लगे तो चाकू लेकर उनकी गर्दन पर तब तक वार किये जब तक कि उनकी मौत नहीं हो गई.
मौके से पुलिस को मिली एक बोतल और दो चाकू
ओम प्रकाश के बेटे कार्तिकेश ने पिता की हत्या के लिए पुलिस मे तहरीर दी थी, उसने अपनी मां और बहन पर कथित तौर पर पिता की हत्या के लिए शक जताया था. पुलिस का शक भी उस समय गहरा हुआ जब मौके से दो चाकू बरामद हुए, क्योंकि हत्या के समय घर में ओम प्रकाश के अलावा उनकी पत्नी और बेटी भी मौजूद थीं. एसे में पुलिस को शक है कि बेटी भी इस हत्या में शामिल हो सकती है. फिलहाल पुलिस ने सभी मां-बेटी के फिंगरप्रिट ले लिए हैं. ताकि हत्या में इस्तमाल किये गए हथियारों पर मिले उंगलियों को निशान के साथ मिलान किया जा सके. साथ ही पुलिस ने शक के आधार पर बेटी कृति को भी हिरासत में ले लिया है.
इस पूरे मामले पर कर्नाटक के गृहमंत्री परमेश्वर का भी बयान आया है, उनका कहना है कि ओम प्रकाश काफी अच्छे अफसर थे, वो उनके साथ काम कर चुके थे. फिलहाल मामल की जांच जारी है.
पति-पत्नी के रिश्ते नहीं थे ठीक
इस सनसनीखेज हत्याकांड में एक खुलासा और हुआ है. सूत्रों के हवाले से पता चला है कि पल्लवी पिछले 12 साल से सिजोफ्रेनिया नाम की बीमारी से पीड़ित हैं. उन्हें अक्सर लगता था कि ओम प्रकाश उनको नुकसान पहुंचा सकते हैं. जबकि ओम प्रकाश के जानने वालों का कहना है कि उन्हें परिवार के लोगों से खतरा था. पूर्व डीजीपी के नजदीकी इंस्पेक्टर श्रीनिवास का कहना है कि पति-पत्नी के रिश्ते सामान्य नहीं थे.
इस हत्या से कुछ घंटे पहले ही श्रीनिवास और ओम प्रकाश की बात हुई थी. जिसमें ओमप्रकाश ने काफी शांति के साथ उनसे बात की थी. जब श्रीनिवास ने कहा कि मैं घर आऊंगा सर तो ओम प्रकाश का कहना था कि नहीं मत आना, मैडम घर पर हैं. अगर श्रीनिवास की मानें तो पल्लवी को किसी का घर आना पसंद नहीं था.