कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कुछ घंटों बाद ही शुभेंदु अधिकारी ने प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं. चुनाव आयोग के विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता को शुभेंदु सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है. अब वे मुख्यमंत्री के सलाहकार के रूप में कार्य करेंगे.
इसके अलावा, दक्षिण 24 परगना के सहायक जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) आईएएस अधिकारी शांतनु बाला को मुख्यमंत्री का निजी सचिव नियुक्त किया गया है. चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता और विशेष पुलिस पर्यवेक्षक एनके मिश्रा से मुलाकात की थी.
उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा किए गए प्रबंधों की सराहना करते हुए कहा था कि इस बार कई ऐसे मतदाता भी बिना किसी हिचक के वोट डालने आए, जो पहले संकोच करते थे. यह फैसला शुभेंदु अधिकारी की सरकार के शुरुआती दिनों में प्रशासन को तेजी से व्यवस्थित करने की दिशा में उठाया गया पहला बड़ा कदम माना जा रहा है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 अपने कई पहलुओं के लिए याद रखा जाएगा. राज्य में चुनावी हिंसा की पुरानी बदनामी के बावजूद इस बार मतदान शांतिपूर्ण रहा और मतदान प्रतिशत ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए. इस सफल आयोजन का बड़ा श्रेय मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को जाता है, जिन्होंने के पीछे रहकर पूरे चुनावी प्रबंधन को बखूबी संभाला.
इनमें पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता और विशेष पुलिस पर्यवेक्षक एन.के. मिश्रा शामिल थे. इन तीनों को चुनाव प्रक्रिया के दौरान अनौपचारिक रूप से “थ्री मस्किटियर्स” के नाम से जाना जाने लगा था.