नई दिल्ली: 23 वर्षीय राहुल मीणा की हिंसा की रात अलवर में एक बलात्कार से शुरू हुई और दिल्ली में एक हमले के साथ समाप्त हुई, जिसमें एक 22 वर्षीय लड़की की मौत हो गई. राहुल मीणा को बुधवार रात गिरफ्तार किया गया, जब उसने दिल्ली के पॉश अमर कॉलोनी इलाके में एक IRS अधिकारी की बेटी का कथित तौर पर बलात्कार और हत्या कर दी.
दिल्ली का यह बलात्कार और हत्या का मामला उस घर को निशाना बनाया था, जहां वह कुछ महीने पहले तक नौकर के रूप में काम करता था. यह घटना अलवर में एक महिला के बलात्कार के महज 12 घंटे बाद हुई. मंगलवार रात करीब 10:30 बजे, आरोपी राहुल मीणा ने अलवर में अपने पड़ोसी के घर में घुसकर महिला को धक्का दिया, मारपीट की और फिर उसका बलात्कार कर दिया. उस पर आरोप है कि उसने महिला का मुंह दबाया, गला घोंटा और उसे जमीन पर पटक दिया, उसके बाद बलात्कार किया. उसने कथित तौर पर पीड़िता के शरीर के कई जगहों पर काटा भी.
लगभग 11 बजे जाते समय उसने पीड़िता को धमकी दी और चुप रहने को कहा, चेतावनी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो वह उसे, उसके पति और बच्चों को मार डालेगा. अलवर पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली. अगली सुबह राहुल दिल्ली पहुंचा और सुबह करीब 6:30 बजे साउथ-ईस्ट दिल्ली के अमर कॉलोनी में एक हाउसिंग सोसाइटी में घुसा.
फिर वह करीब 6:39 बजे अपने पूर्व नियोक्ता के फ्लैट में पहुंचा. वह घर से करीब 7:30 बजे निकला. जब लड़की के माता-पिता जिम से लौटे तो उन्होंने अपनी बेटी को खून के तालाब में पड़ी हुई पाया. उसके कपड़े फटे हुए थे और वह कमर से नीचे नंगी अवस्था में मिली. पुलिस के अनुसार, राहुल सीधे पीड़िता के स्टडी रूम में गया, जो फ्लैट की छत पर अलग से स्थित था.
लड़की यूपीएससी की तैयारी कर रही थी, तभी राहुल ने घुसकर उसके प्रतिरोध के बावजूद उसका गला घोंट दिया और फिर लैंप तथा एक भारी वस्तु से उसे मारा, जिससे वह खून से लथपथ हो गई और बेहोश हो गई. उसने बेहोशी की हालत में उसका बलात्कार किया, फिर उसे स्टडी रूम से घसीटकर सीढ़ियों से नीचे खींचा, जहां लॉकर रखा था, और उसके खून से सने अंगूठे से लॉकर खोलने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं खुला.
पुलिस को संदेह है कि उस समय तक उसकी रक्त संचार प्रक्रिया बंद हो चुकी थी और उसके हाथ खून से भरे थे, इसलिए लॉकर नहीं खुला. उनका मानना है कि वह इस स्टेज पर पहले ही मर चुकी थी. आरोपी ने फिर उसका शव फर्श पर छोड़ दिया. उसने बाद में एक स्क्रूड्राइवर से लॉकर खोला और नकदी तथा गहने ले लिए. उसने अपने खून से सने कपड़े बदल दिए, पीड़िता के भाई की पैंट और चप्पल पहन ली जो घर में मिली थी, और मौके से भाग गया.