रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी राहत नहीं मिली. रामपुर जेल से बाहर आते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. अब गाजियाबाद की विशेष PMLA कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. ED ने जौहर यूनिवर्सिटी (मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी) और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई की है.
एजेंसी का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण और फंडिंग में सरकारी धन का दुरुपयोग और अनियमितताएं हुईं. कोर्ट में ED ने फंड जुटाने में कथित अनियमितताओं और मनी ट्रेल की जानकारी दी. एजेंसी ने पूछताछ के लिए 14 दिन की कस्टडी मांगी थी, लेकिन अदालत ने न्यायिक हिरासत का आदेश दिया. आजम खान को दासना जेल (गाजियाबाद) में भेजा जाएगा.
शनिवार शाम करीब 11 महीने बाद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम दो पैन कार्ड मामले में जमानत पर रामपुर जेल से बाहर निकले थे. जेल गेट पर पहले से मौजूद ED टीम ने CRPF के साथ उन्हें हिरासत में ले लिया. कोर्ट में पेशी के दौरान आजम खान ने पत्रकारों से कहा कि अब क्या बचा है बोलने के लिए.
इससे पहले उन्होंने कहा था कि उन्हें मुसलमान होने और यूनिवर्सिटी बनाने की सजा मिल रही है. ED ने हाल ही में जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को अस्थायी रूप से अटैच किया था, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 1170 करोड़ रुपए बताई गई. एजेंसी की जांच जारी है. अब्दुल्ला आजम को पैन कार्ड मामले में राहत मिल चुकी है.