नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में बना गहन डिप्रेशन और तीव्र होकर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ में बदल गया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह दो नवंबर की सुबह तक प्रचंड चक्रवाती तूफान बन सकता है और दो नवंबर की आधी रात से तीन नवंबर की सुबह के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की प्रबल संभावना है.
इस दौरान हवा की रफ्तार 100-110 किमी प्रति घंटा और झोंकों में 120 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. तूफान के प्रभाव से तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना में दो और तीन नवंबर को भारी से बहुत भारी बारिश, तमिलनाडु में एक और दो नवंबर को, छत्तीसगढ़ और दक्षिणी ओडिशा में तीन और चार नवंबर को भारी बारिश का अनुमान है.
तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में दो-तीन नवंबर को कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है. पूर्वी भारत में झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा में भी मूसलाधार बारिश की चेतावनी है. ओडिशा में दो नवंबर को भारी और तीन-चार नवंबर को दक्षिणी हिस्सों में बहुत भारी बारिश हो सकती है. मध्य भारत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी बारिश व आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है. उत्तर भारत में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना है.
यह तूफान हाल ही में आए चक्रवाती तूफान अर्नब के बाद दूसरा है, जिसने आंध्र और ओडिशा में तबाही मचाई थी. मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. IMD लगातार ट्रैकिंग कर रहा है और राज्यों को सतर्क रहने को कहा गया है.