नई दिल्ली: इंडिया गठबंधन ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर प्रतीकात्मक मॉक पार्लियामेंट का आयोजन किया. इसे जन महाभियोग का नाम दिया गया. इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया गया और उन पर छह बड़े आरोप लगाए गए.
कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार ने की. खड़गे ने प्रस्ताव रखते हुए कहा कि उनका ज्ञानेश कुमार से कोई निजी बैर नहीं है, बल्कि मांग है कि चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम करे. उन्होंने आरोप लगाया कि CEC प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर चुनाव आयोग चला रहे हैं.
CEC पर लगाए गए छह आरोप
खड़गे ने 2023 के चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून का जिक्र करते हुए कहा कि इसे जबरन पास कराया गया और इसी से कथित ‘वोट चोरी’ संभव हुई. उन्होंने दावा किया कि ‘वोट चोरी’ पकड़े जाने के बाद मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू की गई. उन्होंने कहा कि विपक्ष की लड़ाई असली और पात्र मतदाताओं के नाम सूची में बनाए रखने की है.
यह कार्यक्रम प्रतीकात्मक है. 1 नवंबर को रामलीला मैदान में ‘वोट चोरी’ और SIR के खिलाफ बड़ी रैली की योजना है. पहले अशोक होटल और रामलीला मैदान में कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने पर इसे खड़गे के आवास पर आयोजित किया गया. राहुल गांधी को समापन भाषण देना था. यह विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर जारी विरोध का हिस्सा है.