वाराणसी: लंका थाना क्षेत्र में सिपाही पर गोलीबारी करने वाले असलहा तस्करों के खिलाफ वाराणसी पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए शनिवार तड़के मुठभेड़ में दो और बदमाशों को गिरफ्तार किया. इनके पैर में गोली लगी. पहले शुक्रवार रात ही एक आरोपी को एनकाउंटर में पकड़ा गया था. इस तरह कुल तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं. घायल सिपाही का ऑपरेशन कर गोली निकाल दी गई है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.
घटना का पूरा सिलसिला
डीसीपी गौरव बंसवाल के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे गोपनीय सूचना मिली कि कुछ लोग अवैध असलहों की बिक्री कर रहे हैं. लंका थाने की क्राइम ब्रांच टीम सुंदरपुर सब्जी मंडी के पीछे आशुतोष नगर पहुंची. वहां मौजूद आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसमें कांस्टेबल अमित शुक्ला को गोली लगी. उन्हें तुरंत बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया. आरोपी भाग निकले. पुलिस ने पीछा करते हुए लोहता/लोटूबीर इलाके में घेराबंदी की, जहां फिर फायरिंग हुई. जवाबी कार्रवाई में राज विश्वकर्मा के बाएं पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. बाकी साथी भाग गए.
शनिवार तड़के का एनकाउंटर
गिरफ्तार राज विश्वकर्मा की पूछताछ में पता चला कि उसके साथी अंजनी झा और राजू तिवारी शहर छोड़कर भागने की तैयारी में हैं. पुलिस ने उन्हें ढूंढ निकाला. हथियार छिपाने की जगह पर ले जाते समय दोनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. जवाबी फायरिंग में दोनों के पैर में गोली लगी. उन्हें हिरासत में लेकर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया. दोनों की हालत खतरे से बाहर है. उनके पास से हथियार बरामद किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच होगी.
घायल सिपाही की जानकारी
कांस्टेबल अमित शुक्ला मूल रूप से प्रयागराज के लूकरगंज के रहने वाले हैं. उनके पिता का नाम सूर्य मणि शुक्ला है. वे पिछले तीन साल से लंका थाने में तैनात हैं और पहले SOG में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने ATS से ट्रेनिंग भी ली है. डॉक्टरों ने उनकी एक गोली निकाल दी है और हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस ने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है. यह घटना अवैध हथियार तस्करी और पुलिस पर हमले के मामले में वाराणसी पुलिस की तेज कार्रवाई को दर्शाती है.