नई दिल्ली: ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने सशस्त्र बलों को निर्देश दिया है कि किसी भी दुश्मन के खतरे का तत्काल, प्रभावशाली और भौगोलिक रूप से बिना किसी पाबंदी (Geographically unrestricted) के जवाब दिया जाए. उन्होंने सैन्य लक्ष्यों की सूची अपडेट करने का भी आदेश दिया, ताकि अमेरिका और इजरायल की सभी भौतिक व अभौतिक संपत्तियां मारक क्षमता के दायरे में आ सकें.
खामेनेई के आधिकारिक टेलीग्राम अकाउंट पर जारी बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि अगर दुश्मन दोबारा सैन्य या आतंकवादी हमले शुरू करते हैं, तो संघर्ष कब और किन शर्तों पर खत्म होगा, यह ईरान की सशस्त्र सेनाएं और ईरानी राष्ट्र तय करेंगे. उन्होंने गोला-बारूद और हथियारों का उत्पादन बढ़ाने, सैन्य खुफिया क्षमता मजबूत करने तथा स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को विकसित करने के निर्देश भी दिए.
क्षेत्रीय तनाव और मध्यस्थता
यह बयान ऐसे समय आया है जब सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन और ईरान समर्थित हौथी विद्रोहियों के बीच सीमा पार लड़ाई तेज हो गई है. हौथियों ने सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र पर कई बार हमले किए हैं, जहां तेल-गैस भंडार और अरामको का मुख्यालय है. जून में हुआ अंतरिम समझौता स्थायी युद्धविराम या होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग बहाल करने में नाकाम रहा.
कतर के मध्यस्थ शुक्रवार को तेहरान पहुंचे, लेकिन पक्ष परमाणु वार्ता या नाकाबंदी/तेल प्रतिबंधों में राहत को लेकर विभाजित हैं. बहरीन में एक सुरक्षा मंच पर सऊदी और मिस्र के अधिकारियों ने आगे के सैन्य उभार को रोकने की कोशिशों का जिक्र किया और चेतावनी दी कि दूसरा युद्ध और विनाशकारी हो सकता है.
खामेनेई की अनुपस्थिति पर अटकलें
56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई युद्ध शुरू होने के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं और लिखित संदेशों के जरिए संवाद कर रहे हैं. अटकलें हैं कि 28 फरवरी को तेहरान पर अमेरिकी हमलों में उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के दौरान वे घायल हुए थे. एक्सपर्ट्स असेंबली ने 8 मार्च को उन्हें उत्तराधिकारी घोषित किया था. यह घटनाक्रम अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है, जहां दोनों पक्ष सैन्य तैयारी और कूटनीतिक कोशिशों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं.