सरकार बनाने की कोशिशों में जुटे आइजनकोट, तीन विपक्षी नेताओं से मुलाकात, नेतन्याहू पर नतीजे बदनाम करने का आरोप

Amanat Ansari 30 Oct 2026 01:43 PM 1 Mins
सरकार बनाने की कोशिशों में जुटे आइजनकोट, तीन विपक्षी नेताओं से मुलाकात, नेतन्याहू पर नतीजे बदनाम करने का आरोप

तेल अवीव: इजरायल में हालिया संसदीय चुनाव के बाद विपक्षी खेमे के प्रमुख नेता गादी आइजनकोट सरकार बनाने की कोशिशों में जुट गए हैं. उन्होंने डेमोक्रेट्स पार्टी के प्रमुख यायर गोलान, बियाचाद के प्रमुख नफ्ताली बेनेट और विपक्षी नेता यायर लैपिड से मुलाकात की है.

आइजनकोट ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी लिकुड पार्टी पर आरोप लगाया कि वे चुनावी नतीजों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि नेतन्याहू ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनके गठबंधन को बहुमत नहीं मिला है. आइजनकोट ने साफ कहा कि वे संसद (नेसेट) की शपथ ग्रहण प्रक्रिया को रोकने नहीं देंगे. उन्होंने जोर देकर कहा कि इजरायल में कानून का राज है और संसद की बैठक तय कार्यक्रम के मुताबिक होगी.

चुनावी नतीजे और त्रिशंकु स्थिति

अभी तक के नतीजों के मुताबिक, आइजनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को 48 सीटें मिली हैं, जबकि प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खेमे को 53 सीटें मिली हैं. अरब पार्टियों को 19 सीटें मिली हैं. इजरायल की संसद में कुल 120 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 61 सीटों का समर्थन जरूरी है. ऐसे में किसी भी खेमे के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है और सरकार बनाने के लिए दूसरे दलों का समर्थन लेना पड़ेगा.

कतर ने इजरायली चुनाव में दखल और अरब वोट बढ़ाने के लिए पैसा देने के आरोपों को बेतुका और खतरनाक बताया है. चुनाव आयोग ने बड़े पैमाने पर धांधली के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है. पुलिस ने भी लिकुड के अरब पार्टियों पर धांधली के आरोपों को खारिज किया है. आइजनकोट ने प्रधानमंत्री कार्यालय और चुनाव प्रक्रिया में कतर के कथित दखल को गंभीर मामला बताते हुए कतरगेट मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

इजरायल में सरकार बनाने वाले नेता को शुरुआत में 28 दिन का समय मिलता है, जिसे राष्ट्रपति जरूरत पड़ने पर 14 दिन और बढ़ा सकते हैं. यानी कुल 42 दिन तक बातचीत और समझौते की कोशिश हो सकती है. इस बीच यरूशलम और तेल अवीव में गाजा युद्ध के खिलाफ और अरब पार्टियों के साथ सरकार बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी हुए हैं.

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