पटना: बिहार के वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा (आरके सिन्हा) का शुक्रवार को नोएडा स्थित अपने आवास पर निधन हो गया. वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उन्हें ब्रेन स्ट्रोक भी हुआ था. उनकी उम्र करीब 75 वर्ष थी. उनके निधन की सूचना से राजनीतिक और कारोबारी जगत में शोक की लहर दौड़ गई है.
डॉ. आरके सिन्हा को लोग प्यार से ‘बड़े साहब’ कहते थे. उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए दिल्ली से पटना लाया जाएगा. पटना के पाटलिपुत्र स्थित अन्नपूर्णा भवन में लोगों को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर मिलेगा. अंतिम संस्कार की तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा अभी परिवार की ओर से नहीं हुई है.
राजनीतिक और कारोबारी सफर
डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा जनसंघ के दिनों से ही भाजपा से जुड़े रहे. वे भाजपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे और 2014 से 2020 तक बिहार से राज्यसभा सांसद रहे. राजनीति के साथ-साथ उन्होंने कारोबार की दुनिया में भी बड़ी पहचान बनाई. 1974 में उन्होंने पटना में Security and Intelligence Services (SIS) ग्रुप की स्थापना की, जो आज एशिया-पैसिफिक क्षेत्र की प्रमुख निजी सुरक्षा और मैनपावर सर्विस कंपनियों में से एक है. कंपनी के टर्नओवर हजारों करोड़ रुपये का है और यह लाखों लोगों को रोजगार देती है.
उनका जन्म भोजपुर जिले के बहियारा गांव में 22 सितंबर 1951 को हुआ था. करियर की शुरुआत उन्होंने पत्रकारिता से की थी. बाद में उन्होंने सुरक्षा सेवाओं के क्षेत्र में कदम रखा और कंपनी को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया. उनके बेटे ऋतुराज किशोर सिन्हा फिलहाल SIS के प्रबंध निदेशक हैं.
उनके निधन पर कई राजनीतिक नेताओं ने शोक व्यक्त किया है. बिहार के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनकी याद में श्रद्धांजलि अर्पित की है. परिवार ने दिवंगत आत्मा की शांति और इस कठिन समय में संबल की प्रार्थना की अपील की है.