उज्जैन में खड़े हनुमानजी की प्रतिमा हटाने की फिर तैयारी? आधी रात को भोपाल की टीम ने मशीनों से डेढ़ घंटे तक की जांच

Amanat Ansari 30 Oct 2026 03:04 PM 1 Mins
उज्जैन में खड़े हनुमानजी की प्रतिमा हटाने की फिर तैयारी? आधी रात को भोपाल की टीम ने मशीनों से डेढ़ घंटे तक की जांच

उज्जैन: सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के बीच उज्जैन के करीब 170 साल पुराने खड़े हनुमान मंदिर का मामला फिर गर्मा गया है. मंदिर का मुख्य ढांचा पहले ही तोड़ा जा चुका है और हनुमानजी की प्रतिमा अब गर्भगृह के बजाय एक टेंट में रखी हुई है, जहां भक्त रोज दर्शन और पूजा-पाठ के लिए पहुंच रहे हैं.

सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात भोपाल से एक सर्वे टीम उज्जैन पहुंची. मंदिर खुलवाया गया और आधुनिक मशीनों व उपकरणों की मदद से प्रतिमा की करीब डेढ़ घंटे तक जांच की गई. टीम के साथ उज्जैन के एसडीएम एलएन गर्ग भी मौजूद रहे. जांच का मकसद यह जानना था कि प्रतिमा जमीन के भीतर कितनी गहराई तक है, उसकी पकड़ (लॉकिंग सिस्टम) कैसी है और अगर उसे हटाया जाए तो नुकसान पहुंचने का कितना खतरा है.

यह मामला सराफा इलाके के कंठाल से छत्रीचौक वाले मार्ग पर स्थित खड़े हनुमान मंदिर का है. सिंहस्थ मेले की तैयारी में सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है, जिसके चलते अगस्त के आखिर से मंदिर को दूसरी जगह ले जाने की कोशिशें चल रही थीं. प्रशासन मंदिर का ढांचा तोड़ चुका है, लेकिन प्रतिमा को अब तक हटाया नहीं जा सका. मंदिर सेवक रामू गुरु के मुताबिक, श्रद्धालु लगातार यहां पूजा के लिए आ रहे हैं.

आधी रात को चुपचाप जांच कराने पर सवाल उठने लगे हैं. पूर्व पार्षद संतोष व्यास ने कहा कि अगर जांच जरूरी थी तो इसे पारदर्शी तरीके से दिन में भी किया जा सकता था. रात के अंधेरे में बिना सार्वजनिक जानकारी के टीम बुलाने से श्रद्धालुओं के मन में आशंका पैदा हो सकती है.

उन्होंने छत्रीचौक की शाही मस्जिद का जिक्र करते हुए तुलना भी की, जहां एक हिस्सा हटाने के बाद निर्माण शुरू हो गया, जबकि हनुमान मंदिर की प्रतिमा अब भी टेंट में है. फिलहाल प्रशासन ने न तो सर्वे की रिपोर्ट सार्वजनिक की है और न ही यह साफ किया है कि प्रतिमा को हटाया जाएगा या नहीं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि हनुमानजी की प्रतिमा का आगे क्या होगा. 

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