नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट ने बाजार को हिलाकर रख दिया है. जहां शादी-ब्याह और त्योहारों में जेवर खरीदने वालों के चेहरे पर खुशी है, वहीं निवेशक हैरान और परेशान हैं. कुछ महीने पहले रिकॉर्ड ऊंचाइयों पर पहुंचने वाली इन कीमती धातुओं में अब तेज उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. MCX पर सोना 29 जनवरी 2026 को बने 1,93,096 रुपए प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई से अब तक 51,000 रुपए से ज्यादा सस्ता हो चुका है.
वहीं, चांदी का ऑल-टाइम हाई 4,20,048 रुपए प्रति किलोग्राम था, जो अब 2.33 लाख रुपए से अधिक गिरकर करीब 1.92 लाख रुपए के आसपास आ गई है. यह चांदी में करीब 54 फीसदी की गिरावट है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने और कटौती की उम्मीदें कम होने से सोने-चांदी पर दबाव बना हुआ है. मजबूत डॉलर, ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, मुनाफावसूली, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और भू-राजनीतिक तनाव भी कीमतों को नीचे खींच रहे हैं. चांदी पर औद्योगिक मांग की अनिश्चितता और शेयर बाजार की कमजोरी का अतिरिक्त असर पड़ा है.
आगे क्या होगा?
कोटक नियो के अनिंद्य बनर्जी के अनुसार, जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,120 डॉलर प्रति औंस और MCX पर 1.46 लाख रुपए के नीचे है, तेजी की उम्मीद कम है. सोना 1.42 लाख रुपए तक और नीचे आ सकता है. चांदी के लिए 2.10 लाख रुपए का स्तर अपर रेजिस्टेंस है और प्रतिकूल हालात में यह 1.75-1.80 लाख रुपए तक फिसल सकती है. ब्रिकवर्क रेटिंग्स के राजीव शरण इसे अभी सामान्य करेक्शन मानते हैं, न कि लंबे ट्रेंड का बदलाव. अजय केडिया भी कई आर्थिक और भू-राजनीतिक कारणों को गिरावट का जिम्मेदार बताते हैं.
निवेशकों के लिए सलाह
एक्सपर्ट्स का कहना है कि 1.40 लाख रुपए के आसपास MCX गोल्ड पर नजर रखी जा सकती है, लेकिन खरीदारी का फैसला बाजार की चाल और अपनी जरूरत के हिसाब से ही करें. निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. अमेरिकी फेड की नीति और डॉलर की दिशा निर्णायक रहेगी.