गाजीपुर का दूसरा मुख्तार कौन है, जेलर और डिप्टी जेलर पर योगी ने क्यों लिया बड़ा एक्शन?

Abhishek Chaturvedi 17 Mar 2025 02:42: PM 2 Mins
गाजीपुर का दूसरा मुख्तार कौन है, जेलर और डिप्टी जेलर पर योगी ने क्यों लिया बड़ा एक्शन?
  • गाजीपुर में पैदा हुआ दूसरा मुख्तार, जेल में करता ऐश, अवैध PCO बनाकर करता था कॉल
  • कौन है विनोद, जिसने लखनऊ तक मचाया हड़कंप, जेलर और डिप्टी जेलर की उतर गई वर्दी
  • गाजीपुर में एक्शन, बिहार में हलचल, सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले जरूर सुनें ये रिपोर्ट

नई दिल्ली: कहते हैं मुख्तार अंसारी जब जेल में बंद था, वो वहीं से वसूली मांगता था, लोगों को फोन करता था, माफिया अतीक का भी यही अंदाज था, उसका एक ऑडियो भी सामने आया था, जिसमें धमकी देता सुनाई दे रहा था. लेकिन अब मुख्तार और अतीक तो इस दुनिया में नहीं है, पर इस तरीके के कारनामे कम नहीं हुए हैं, जो गाजीपुर कभी मुख्तार का गढ़ रहा था.

वहां ऐसा लगता है दूसरा मुख्तार पैदा हो गया है, जो जेल से न सिर्फ अवैध कॉल करता, बल्कि अवैध पीसीओ यानि कॉल करने वाला अड्डा बना रखा था, जिससे जेल के कई कैदी बाहर फोन करते थे, जिन जेलर और डिप्टी जेलर के कंधे पर कैदियों को सुधारने की जिम्मेदारी थी, वो मोटी रकम के लालच में इनका साथ दे रहे थे, जिसका खुलासा हुआ तो सरकार ने जांच कमेटी गठित की, और अब बड़ा एक्शन हुआ है.

  • गाजीपुर जेल के जेलर राकेश वर्मा और डिप्टी जेलर सुखवती देवी को सस्पेंड कर दिया गया है
  • जबकि जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह पर कार्रवाई के लिए डीजी जेल ने शासन को पत्र लिखा है

आरोप है कि इन्होंने अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं निभाई, जांच में जेल के अंदर अवैध पीसीओ मिलने की बात सामने आई, ये पता चला कि बकसू बाबा कोचिंग एकेडमी का संचालक विनोद गुप्ता जो जेल में बंद है, उसने कई लड़के-लड़कियों को धमकी दी, 28 फरवरी को एक ऐसी ही शिकायत ASP को मिली थी, जिसमें लिखा था. विनोद गुप्ता ने बिहार सचिवालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कई लोगों से 10 से 15 लाख रुपये वसूले.

कईयों को फर्जी नियुक्ति पत्र दिए, और फर्जी ज्वाइनिंग भी करा दी. लेकिन अब वो बयान बदलने के लिए जेल से फोन कर रहा है, मोतिहारी के रहने वाले एक व्यक्ति ने कहा विनोद गुप्ता ने 2 बार फोन किया और कहा 2 लाख लेकर बयान बदल लो, बिहार-झारखंड की कई लड़कियों ने भी ऐसी ही शिकायत की.

करीब दो महीने पहले ही विनोद गुप्ता और उसकी महिला सहयोगी कृष्णा उपाध्याय को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, तब वो बिहार भागने की तैयारी में था. जिसके बाद सवाल ये भी उठ रहे हैं कि बाहर में इसका मददगार कौन है, इसने बिहार सचिवालय जैसी जगह पर फर्जी नियुक्तियां कैसे दिलवा दी, क्या बिहार के सिस्टम में ही कोई इसका साथी बैठा है, पुलिस उसका खुलासा कर पाती, उससे पहले ही गाजीपुर जेल से भयानक कांड सामने आ गया, तो क्या ये बड़ा शिक्षा माफिया बनने की कोशिश में था, जो युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा था.

अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, या आपके लड़के-लड़कियां तैयारी में जुटे हैं, तो ये बात याद रखिए कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, कोई अगर इस तरीके की बात कर रहा है कि रिश्वत लेकर वर्दी दिलवा देंगे, नौकरी दिलवा देंगे, तो फिर आपको सावधान रहना चाहिए, कुछ दिनों पहले ही बिहार में एक ऐसा लड़का गिरफ्तार हुआ था, जिस पर वर्दी खरीदने का आरोप लगाया था.

यूपी से कई ऐसी घटनाएं सामने आई जहां सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठगी हुई, ऐसी हरकत कोई आपके साथ करने की कोशिश करे तो सावधानी बरतें, और सीधा नजदीकी पुलिस थाने में इसकी शिकायत करें, ये जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं, वीडियो को लाइक करें और कमेटं कर अपनी राय दें कि ऐसी साजिश करने वालों की सजा क्या होनी चाहिए.

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