Iran Vs America : वेस्ट एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष का असर अब भारतीय नागरिकों पर भी गंभीर रूप से पड़ने लगा है. 28 फरवरी से अब तक खाड़ी क्षेत्र में अलग-अलग घटनाओं में 13 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 3 भारतीय अब भी लापता हैं. इसके अलावा, समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरे के बीच 148 भारतीय नाविक विभिन्न जहाजों पर फंसे हुए हैं.
जानकारी के अनुसार, संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में कई व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है. मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे के चलते कई जहाज सुरक्षित बंदरगाहों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. इन्हीं जहाजों पर बड़ी संख्या में भारतीय नाविक भी तैनात हैं, जो कई दिनों से समुद्र में फंसे हुए हैं.
भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. विदेश मंत्रालय ने प्रभावित देशों में स्थित भारतीय दूतावासों को अलर्ट पर रखा है और संकटग्रस्त क्षेत्रों में मौजूद भारतीयों से लगातार संपर्क किया जा रहा है. सरकार ने यह भी कहा है कि सभी भारतीय नागरिक स्थानीय प्रशासन और भारतीय मिशनों की एडवाइजरी का पालन करें तथा बिना आवश्यकता संघर्ष प्रभावित इलाकों की यात्रा न करें.
सूत्रों के अनुसार, भारतीय दूतावास प्रभावित नाविकों और उनके परिवारों के संपर्क में हैं. जरूरत पड़ने पर सुरक्षित निकासी की योजना भी तैयार रखी गई है. समुद्री सुरक्षा एजेंसियां और शिपिंग कंपनियां भी भारतीय क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका-ईरान तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीयों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. ऐसे में भारत सरकार के सामने अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है.