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लखनऊ: यूपी के किस जिले में सबसे ज्यादा अतिक्रमण है, कहां बुलडोजर सबसे ज्यादा चलना चाहिए. घर की सीढ़ियों से लेकर आलीशान इमारतों तक का निर्माण किस-किसने सरकारी जमीन पर किया है. महाकुंभ के कौन सा महाअभियान यूपी में लॉन्च होने जा रहा है. जरा लिस्ट देख लीजिए, फिर समझाते हैं 70 हजार बुलडोजर अगर चलेगा तो कोर्ट जाकर भी कोई फायदा क्यों नहीं होगा. मीडिया की रिपोर्ट से पता चलता है कि...
जिसे सुनते ही जज साहब भड़क उठे और कहा नया सर्वे करवा लिया जाए तो और भी चौंकाने वाली जानकारियां मिलेंगी. हैरानी की बात ये है कि एक तरफ योगी अवैध निर्माणों को गिरवा रहे थे, दो दूसरी तरफ उनके ही नाक के नीचे खुद अधिकारी अवैध तरीके से नई इमारतें बनवाने में लगे थे. क्योंकि ये रिपोर्ट बीते 13 सालों की है, जबकि 7 साल से यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार है. इतनी बड़ी बुलडोजर सख्ती के बाद भी इतने बड़े लेवल पर निर्माण कैसे हुए, जरा इस मैप से समझिए.

लेकिन आप ये जानकर दंग रह जाएंगे कि बाबा का बुलडोजर इतना रौद्र रूप में होने के बाद ही सिर्फ 11 हजार 677 अवैध निर्माण ही तोड़ पाया. अभी भी 70 हजार से ज्यादा अवैध निर्माण ज्यों के त्यों पड़े हैं, कोर्ट ने 10 फरवरी तक सरकार से रिपोर्ट मांगी है. मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह कहते हैं अधिकारियों को सख्त आदेश दिए गए हैं, इस मामले में कोई भी कोताही नहीं बरती जाएगी. जिसके बाद सवाल ये उठ रहे हैं कि इतनी सख्ती के बाद भी ऐसा हुआ कैसे, तो जरा ये भी समझ लीजिए.
विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद के इंजीनियर जिनके कंधे पर इन्हें रोकने की जिम्मेदारी है, वो बिल्डर से मिले हुए हैं, करोड़ों का रिश्वत के आगे उनका ईमान दागदार हुआ पड़ा है. जिस पर समय रहते सरकारी चाबुक नहीं चला तो अवैध निर्माण की संख्या करोड़ों भी पार कर सकती है.
शायद यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट भी बुलडोजर पर रोक लगाता है तो ये साफ-साफ कहता है अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं रुकेगी, वो अलग बात है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए महाराजगंज जिले में जिस व्यक्ति का घर गिराया गया, उसे 25 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश अदालत ने दिया, ताकि बुलडोजर के नाम पर कोई मनमानी न कर पाए, पर इतने बड़े स्तर पर जहां कार्रवाई होती है, वहां गलतियों की गुंजाइश भी साफ नजर आती है. आज यूपी के नाम एशिया में सबसे बड़ा ध्वस्तीकरण अभियान चलाने का रिकॉर्ड है, जहां लखनऊ के अकबरनगर में करीब 1800 मकानों पर बुलडोजर चला.
3500 लोग बेघर हुए, उनमें से 1800 को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर भी मिले. जो ये बताता है गरीबों के साथ न तो बुलडोजर अन्याय कर सकता है, न पुलिस और ना ही कोई सरकार, पर कोई व्यक्ति अगर बुलडोजर को धोखा देने की कोशिश करेगा तो फिर अदालत भी उसकी क्लास लगाएगी, और अब एक साथ 83 हजार बुलडोजर गरज सकते हैं.