लखनऊ: बदायूं में नीलकंठ महादेव बनाम जामा मस्जिद शम्सी मामले में आज सुनवाई हुई. हिंदू महासभा के मुकेश पटेल सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में सुनवाई हुई. बता दें कि जामा मस्जिद और नीलकंठ महादेव मामले में सुनाई को हिंदू पक्ष कोर्ट पहुंच गया है. वहीं इस मामले में मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब बहस नहीं करेगा. अब अगली सुनवाई होगी 24 दिसंबर को होगी.
इसे लेकर मुस्लिम पक्ष के वकील असरार अहमद का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट अब ऐसे मामलों का निर्णय देगा. इसलिए अब हम बहस नहीं करेंगे. हम पहले से 7/11 की बात कर रहे है कि यह मामला सुनने योग नहीं है. हिंदुस्तान में कई ऐसे मामले सामने आए इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में इन मामलों की सुनवाई हुई और अब सुप्रीम कोर्ट ने कोई भी निर्णय देने से मना कर दिया है. नहीं किसी तरीके का सर्वे का आदेश दिया जाएगा. जब कोई कोर्ट निर्णय नहीं दे सकता इसलिए ऐसे मामलों में सुनवाई अब नहीं हो सकती. जब तक वक्फ एक्ट चल रहा है तब तक कोई आदेश नहीं होना चहिए.
इस पूरे मामले में केंद्र सरकार को अपना जवाब देना है उसके बाद कोर्ट निर्णय देगा और इस निर्णय के अनुसार अब आगे की हम रूपरेखा तय करेंगे. आपको बता दें कि सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में सुनवाई चल रही है. 2022 में नीलकंठ महादेव मंदिर होने का दावा किया गया था. मामले सुनवाई योग्य है या नहीं इस पर बहस होनी है. वहीं मुस्लिम पक्ष को सुनने के बाद हिंदू पक्ष को सुना जाएगा. जबकि इस मामले में सरकार की ओर से बहस पूरी हो चुकी है .