उत्तर प्रदेश में मानसून अपने चरम पर है. दक्षिण-पश्चिमी मानसून के आ जाने और बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव की वजह से राज्य के मौसम विभाग ने लगभग हर जिले में भारी बारिश, बिजली गिरने और गरज के साथ बौछारों की भारी चेतावनी जारी की है. सोमवार को उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे हाल के दिनों में उमस और गर्मी से परेशान लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है.
आपको बता दें, उत्तर प्रदेश के 20 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इसमें बांदा, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, जौनपुर, कानपुर नगर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर शामिल हैं. इन जिलों और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. उत्तर प्रदेश के 60 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है. उत्तर प्रदेश के लोगों को सावधानी बरतने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है.
उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों में सामान्य से 55% कम बारिश दर्ज की गई है. राज्य में औसत 6 मिमी के मुकाबले सिर्फ 2.7 मिमी बारिश हुई. पूर्वी उत्तर प्रदेश में औसत 6.6 मिमी के मुकाबले 2.5 मिमी बारिश हुई, जो 63% कम है. वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 मिमी के मुकाबले 3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 41% कम है. लखनऊ में सोमवार को भारी बारिश और गरज के साथ बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं.
सुबह से बादल छाए हुए थे और बीच-बीच में तेज धूप भी निकली. दोपहर होते ही मौसम फिर से बदल गया और काले बादलों ने आसमान को ढक लिया. कुछ इलाकों में मूसलाधार बारिश भी हुई. वहीं मंगलवार को मौसम विभाग के अनुसार, लखनऊ में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.
सोमवार को प्रयागराज जिले में 38 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा है. वहीं गाजीपुर जिले में सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1 डिग्री कम है. मौसम विशेषज्ञ डॉ. अतुल सिंह के अनुसार, अगले पांच दिनों तक उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी.
पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की भी संभावना है. हालांकि, इस साल उत्तर प्रदेश में मानसून के दौरान औसत बारिश में 14% की कमी दर्ज की गई है. मौसम विभाग के अनुसार, पहले से ही कम बारिश की संभावना जताई गई थी.
बिजली गिरने से बचाव के उपाय