नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में बंद किए गए 30 मदरसों को दोबारा खोलने का आदेश इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने दिया है. जस्टिस पंकज भाटिया की एकल पीठ ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया. यह आदेश उन याचिकाओं के जवाब में आया, जिनमें मदरसा संचालकों ने प्रशासन पर बिना उचित सुनवाई के मनमाने ढंग से बंद करने का आरोप लगाया था.
याचिका में कहा गया कि जिला प्रशासन ने बिना पर्याप्त नोटिस या जवाब देने का अवसर दिए एक ही आदेश के जरिए सभी 30 मदरसों को बंद कर दिया था. मदरसा संचालकों ने इसे अनुचित और जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताते हुए हाई कोर्ट में गुहार लगाई थी.
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने प्रक्रिया का पालन नहीं किया और मदरसों को बंद करने का निर्णय जल्दबाजी में लिया गया. कोर्ट ने आदेश दिया कि सभी 30 मदरसों को तत्काल प्रभाव से फिर से खोला जाए. हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रशासन चाहे तो नियमानुसार और उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए, जिसमें संचालकों को जवाब देने का पूरा अवसर देना शामिल है, नए सिरे से आदेश जारी कर सकता है.
यह फैसला मदरसा संचालकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जिन्होंने प्रशासन के एकतरफा फैसले को चुनौती दी थी. कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित किया कि भविष्य में ऐसी कार्रवाइयों में पारदर्शिता और निष्पक्षता बरती जाए.