राहुल गांधी के टिप्पणियों पर असम सीएम सरमा की कड़ी प्रतिक्रिया, कहा- ऐसे बयान राष्ट्रीय एकता को कमजोर करने वाले

Global Bharat 17 Sep 2024 11:04: AM 1 Mins
राहुल गांधी के टिप्पणियों पर असम सीएम सरमा की कड़ी प्रतिक्रिया, कहा- ऐसे बयान राष्ट्रीय एकता को कमजोर करने वाले

हाल ही कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अमेरिका के दौरे पर थे, और अपनी अमेरिकी दौरे के दौरान उनके द्वारा की गई टिप्पणियों पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. सरमा ने कहा है कि राहुल गांधी के बयान "असंसदीय" और "अनुचित" हैं और इससे भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गलत प्रभाव पड़ रहा है.

सरमा ने अपने एक लेख में गांधी के इस आरोप का विरोध किया कि मौजूदा सरकार ने सभी संस्थानों को नियंत्रण में ले लिया है. उन्होंने अपने बयान में कहा कि गांधी का यह आरोप विडंबनापूर्ण है, क्योंकि कांग्रेस के कार्यकाल में भी पार्टी ने अपने पक्षधर लोगों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया. “गांधी ने अमेरिका में चुनाव आयोग और न्यायपालिका पर सवाल उठाए, जो भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं की छवि को खराब करता है,” सरमा ने लिखा.

गौरतलब है राहुल गांधी ने जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में जाति आधारित आरक्षण और धन-संबंधी असमानता पर भी बात की. सरमा ने कहा कि गांधी ने कांग्रेस की विफलताओं को नजरअंदाज किया गया. “कांग्रेस ने दशकों तक सत्ता में रहकर भी इन समुदायों की स्थिति को सुधारने में कोई विशेष प्रयास नहीं किया. अब राहुल गांधी का कहना है कि जब सब कुछ समान हो जाएगा तब आरक्षण हटाया जाएगा, यह उनकी दोहरी नीति को दर्शाता है,” सरमा ने टिप्पणी की.

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने यह भी आरोप लगाया कि गांधी का विदेशी मंचों पर जाति और सामाजिक असमानता पर जोर देना भारत को एक विभाजित समाज के रूप में पेश करता है, जो देश की छवि को नुकसान पहुंचता है. उन्होंने कहा, "गांधी की टिप्पणियां विदेशी फोरम पर भारत की नकारात्मक छवि पेश करती हैं, जो हमारे विरोधियों को ताकत देती हैं और विदेशी हस्तक्षेप का रास्ता खोलती हैं.'' 

इसके अलावा, सरमा ने गांधी के बयान को खालिस्तान समर्थकों द्वारा समर्थन मिलने की चिंता व्यक्त की. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की टिप्पणियों से खालिस्तानी नेताओं को बढ़ावा मिला है. उन्होंने कहा, ''गांधी के बयानों से खालिस्तान समर्थक तत्वों को समर्थन मिला है, जो भारत के लिए एक गंभीर खतरा है. यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है कि विपक्ष के नेता ऐसे खतरनाक खेल में भाग लें." 

अंत में, हिमंत बिस्वा सरमा ने गांधी की टिप्पणियों को मौजूदा वास्तविकता से असंगत करार देते हुए कहा कि यह बयान भारत की राष्ट्रीय एकता को कमजोर करने का काम कर रहे हैं.

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