RSS के पास एक लंबी लिस्ट पहुंची है. पिछले कई दिनों से लखनऊ में RSS का डेरा है. RSS के कई दिग्गज लखनऊ में योगी के लिए मंच तैयार कर रहे हैं. योगी के दुश्मनों को ढूंढा जा रहा है. पता लगाया जा रहा है कि पार्टी में रहते हुए ऐसे कितने नेता हैं जो विधायकों को बरगला रहे हैं कि योगी उनके नेता नहीं हैं. कई नेताओं को तलब किया जाने वाला है. भंयकर टिकट कटने का प्लान तैयार हो रहा है. इस बार लिस्ट योगी की होगी, उम्मीदवार भी योगी का होगा और जीत की गारंटी भी योगी की होगी. योगी के लिए संघ पूरी तरह से कैंप कर गया है.
फिल्म बाहुबली की तरह ही यूपी में योगी के पीछे कई विरोधी पड़े हैं. योगी आदित्यनाथ चुनाव तक एकदम अकेले पड़ गए, क्योंकि जिनको हराने की साज़िश अपने ही रचते हों वहां बचना बहुत मुश्किल होता है. 26 जून से 28 जून तक लखनऊ में RSS की तीन दिवसीय बैठक थी. इस बैठक में संघ के सहकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी शामिल हुए थे. कहने को तो ये मीटिंग शताब्दी वर्ष की तैयारी की थी लेकिन इस बैठक में RSS योगी के दुश्मनों की हिट लिस्ट तैयार कर रहा था.
अब RSS ने अपना प्लान बदल दिया. ख़बर हैं कि इस बार बीजेपी अपने 120 विधायकों का टिकट काट सकती है. विधानसभा चुनाव में योगी के अलावा किसी भी BJP नेता की दखल नहीं होगी. पार्टी के कार्यकर्ताओं को टिकट देने की तैयारी है. बाहरी नेताओं को नमस्ते भी किया जा सकता है.
ये कुछ ऐसा है जैसा योगी को कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल गई हो. अब जो योगी कहेंगे वो सबको करना पड़ेगा. हाथरस कांड के बाद जब योगी वहां से लौट गए तो पीछे से डिप्टी सीएम बृजेश पाठक भी जाते हैं. वहां जिला अधिकारी के साथ बैठक करते हैं, अस्पताल जाकर हालत देखते हैं, क्योंकि कहा जा रहा है कि अस्पताल में डॉक्टर नहीं होने के सवाल पर योगी बृजेश पाठक से नाराज़ हुए थे. केशव प्रसाद मौर्य चुनावी नतीजों के बाद तीन कैबिनट की मीटिंग से गायब क्यों हैं? वो दिल्ली में डेरा डाल कर क्या प्लान कर रहे हैं?
ऐसे बहुत से सवाल हैं, जिनका जवाब आरएसएस के पास है. योगी को फ्री हैंड करने का निर्देश मिल गया है. यही कारण है कि RSS की मीटिंग के बाद ही योगी के सबसे ख़ास अधिकारी को यूपी का मुख्य सचिव बनाया गया, वो मनोज कुमार जो हाथरस कांड में पल-पल की अपडेट योगी को दे रहे थे, लेकिन सवाल ये है कि क्या RSS योगी को लेकर खड़े हो रहे सवालों का जवाब ढूंढ पाएगा?
केशव प्रसाद जैसे बड़े नेता को ये समझा पाएगा. अभी यूपी को योगी चाहिए, भविष्य में आपको देखा जाएगा? क्योंकि अलीगढ़ की ये तस्वीर कई सवालों को इशारा देती है. जब मंच पर योगी आदित्यनाथ के साथ केशव प्रसाद मौर्य का हाथ मोदी ने पकड़ा था. अब तो केशव के साथ बृजेश पाठक हैं तो फिर पीएम मोदी किस- किसका हाथ पकड़ेंगे? या सिर्फ योगी का हाथ पकड़ेंगे, ये RSS ने बंद कमरे में तय कर दिया है.