ये तस्वीर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की है, जहां आपको सैकड़ों की भीड़ में एक तिरंगा नजर आ रहा होगा, जिसे देखने के बाद लाहौर से लेकर इस्लामाबाद तक मीटिंग बुलाई जाने लगी है, शहबाज से लेकर नवाज तक में फोन में ये तस्वीर पहुंची तो सबका दिमाग भन्ना गया, पाकिस्तानी आर्मी चीफ ने इस तस्वीर को देखने के बाद जो फैसला लिया है, वो बताएं उससे पहले हर हिंदुस्तानी को खुश कर देने वाली इस तस्वीर के पीछे का सच बताते हैं.

ये तस्वीर पाकिस्तान के रावलकोट इलाके की है. ये पाक अधिकृत कश्मीर का एक बड़ा शहर है, जहां महंगाई के खिलाफ ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने पीओके की असेंबली के बाहर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था. कानून व्यवस्था के मद्देनजर सरकार ने पहले ही धारा 144 लागू कर दी थी, जिसे लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और फिर विरोध प्रदर्शन सिर्फ पीओके की असेंबली के बाहर ही नहीं हुआ, बल्कि पूरे पीओके के अलग-अलग जगहों पर हुआ.
पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद, मीरपुर और ददियाल में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर गए. और इसी दौरान भीड़ के हाथ में तिरंगा झंडा नजर आया, तो हर पाकिस्तानी भी ये समझ गया कि पीओके को अब जबरन अपने वश में रखना न तो पाकिस्तानी आर्मी के हाथ में है और ना ही वहां की सरकार के हाथ में.

मजेदार बात ये है कि इधर पीएम मोदी ने बयान दिया और उधर पीओके में तिरंगा नजर आ गया. आपको याद होगा कुछ दिन पहले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ये बयान दिया था कि पीओके खुद भारत में मिल जाएगा, जिसके बाद फारुख अब्दुल्ला ने भारत को डराने की भी कोशिश की थी.
तो सवाल है कि क्या पीओके की जनता खुद भारत का विकास देखते हुए, भारत में मिलना चाहती है, लेकिन हमारे देश की कुछ नेता हिंदुस्तान की सरकार को डराने की कोशिश कर रहे हैं कि अगर पीओके पर हाथ डाला तो फिर ठीक नहीं होगा.