तेहरान/नई दिल्ली: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो मर्चेंट जहाजों को जब्त किए जाने के एक दिन बाद ईरान ने ड्रामेटिक फुटेज जारी की, जिसमें कथित तौर पर दिखाया गया है कि कैसे मास्क पहने कमांडो ने जहाजों का पीछा किया, उन पर चढ़ाई की और अंत में उन्हें कब्जे में ले लिया. यह प्रोपगैंडा वीडियो हॉलीवुड एक्शन थ्रिलर की तरह लगता है. यह वीडियो उस जवाब में जारी किया गया है जब अमेरिकी मरीन्स ने होर्मुज में ब्लॉकेड तोड़ने की कोशिश कर रहे दो ईरानी झंडे वाले कार्गो जहाजों को बोर्ड करके जब्त कर लिया था.
Humiliation ultra pro max: Iran has released a video of its forces seizing the India-bound ship EPAMINONDAS. The ship was supposed to arrive at Mundra port in Modi ji’s gaon Gujarat but ended its journey at the Iranian coast instead. pic.twitter.com/zp3kesv9A0
— The Blank Page Official (@PageBlank) April 22, 2026
बुधवार को, ट्रंप द्वारा एकतरफा रूप से सीजफायर बढ़ाए जाने के कुछ घंटों बाद, ईरानी नौसेना ने दो जहाजों पर हमला किया और उन्हें कंट्रोल में ले लिया. पनामा-फ्लैग्ड MSC Francesca और लाइबेरिया-फ्लैग्ड Epaminondas. Epaminondas दुबई से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की ओर जा रहा था. दोनों जहाजों को ईरान के तट पर ले जाया गया. यह युद्ध शुरू होने के बाद ईरान द्वारा जहाज जब्त करने का पहला मामला है.
ईरानी सैनिकों ने भारत के जहाज को कैसे कब्जा किया?
ड्रामेटिक वीडियो में ईरानी सैनिक स्पीडबोट्स में सवार होकर कार्गो जहाजों के पास पहुंचते दिख रहे हैं. यह ट्रंप के बार-बार दावे के विपरीत है कि ईरानी नौसेना युद्ध में पूरी तरह तबाह हो चुकी है. हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन जब्ती के पीछे ईरान का "मच्छर बेड़ा" (Mosquito fleet) था. छोटी, तेज और ट्रैक करने में मुश्किल नावें, जो शक्तिशाली IRGC द्वारा संचालित हैं. वीडियो में फिर मास्क पहने ईरानी सैनिक राइफल्स लेकर सीढ़ी चढ़ते और MSC Francesca पर चढ़ते दिख रहे हैं.
Epaminondas पर मास्क वाले कमांडो राइफल्स के साथ सर्च करते और इंजन रूम में घुसते दिखाए गए हैं. विजुअल्स में सैनिक जहाज के टॉप डेक पर चढ़ते भी दिख रहे हैं. भारत की ओर जा रहे Epaminondas जहाज का ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया, जब ईरानी सैनिकों ने अपनी स्पीडबोट से फायरिंग की और ग्रेनेड फेंके. हालांकि, क्रू में किसी को चोट नहीं आई. MSC Francesca, जो ईरान के तट से लगभग छह मील दूर था, उस पर भी भारी गोलीबारी की गई.
IRGC ने कहा कि इन कार्गो जहाजों के पास आवश्यक अनुमति नहीं थी और उन्होंने नेविगेशन सिस्टम को Manipulate किया था, जिससे समुद्री सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ. साथ ही उसने चेतावनी दी कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यवस्था बिगाड़ने वाली कोई भी कार्रवाई रेड लाइन मानी जाएगी. यह घटना संभवतः ईरान की प्रतिक्रिया कार्रवाई थी, क्योंकि अमेरिकी सेना ने पहले एक वीडियो जारी किया था जिसमें उसके सैनिकों द्वारा ईरानी कार्गो जहाज Touska को जब्त करने का ऑपरेशन दिखाया गया था.
अमेरिका का दावा है कि वह जहाज उसके द्वारा लगाए गए ईरानी बंदरगाहों के ब्लॉकेड को तोड़ने की कोशिश कर रहा था, जो दोनों पक्षों के बीच नया फ्लैशपॉइंट बन गया है. ईरान ने किसी भी भविष्य की बातचीत के लिए ब्लॉकेड हटाना अपनी शर्त बना रखा है. हालांकि, भारत-बाउंड जहाज पर हमला दिल्ली और तेहरान के बीच संबंधों को जटिल बना देगा.
पिछले हफ्ते दो भारतीय जहाज Jag Arnav और Sanmar Herald पर ईरानी नौसेना ने हमला किया था, जिसके बाद नई दिल्ली ने ईरानी राजदूत को तलब किया और विरोध दर्ज कराया था. यह हमला तब हुआ जब ईरान की राजनीतिक नेतृत्व ने आश्वासन दिया था कि पांच मित्र राष्ट्रों- भारत, पाकिस्तान, इराक, चीन और रूस के जहाजों को निशाना नहीं बनाया जाएगा. वास्तव में, इस घटना ने एक बड़ा सवाल उठाया है कि ईरान में असली ताकत किसके हाथ में है? कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि शक्तिशाली IRGC ही नियंत्रण में है और वह ईरान का डी-फैक्टो शासक बन गया है.