Violent Elections in Bengal: त्रिणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने गुरुवार को एक नया विवाद खड़ा कर दिया, जब उन्होंने कोलकाता में दो वरिष्ठ बीजेपी नेताओं के कथित स्थान और गतिविधियों को सार्वजनिक रूप से उजागर कर दिया और चेतावनी दी कि यहां बीजेपी अध्यक्ष भी उन्हें "नहीं बचा पाएंगे". यह घटना उसी दिन हुई जब बंगाल में चुनाव के पहले चरण का मतदान हो रहा था, जिसमें जगह-जगह हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुईं.
एक्स पर एक आक्रामक पोस्ट में महुआ मोइत्रा ने एक तस्वीर जारी की, जो लगभग "हिट लिस्ट" जैसी दिख रही थी. इसमें बीजेपी नेताओं सौरभ सिंह और प्रोफेसर स्वदेश सिंह के नाम थे. नई शामिल हुईं बीजेपी नेता और टेनिस लीजेंड लियेंडर पेस (जो कोलकाता में जन्मे हैं) भी इस तस्वीर में दिख रहे थे. दो नेताओं को लाल घेरे में डाला गया था और तस्वीर पर बड़े अक्षरों में "S+S" लिखा हुआ था.
कृष्णानगर सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ के पूर्व बीजेपी विधायक सौरभ सिंह बंगाल में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए "डिस्ट्रीब्यूशन" (नकदी बांटने) की गतिविधियों में लगे हुए हैं. उन्होंने उनके मौजूदा लोकेशन और अगले गंतव्य की भी जानकारी दे दी. महुआ मोइत्रा ने ट्वीट किया, "सावधान रहिए सौरभ सिंह, मेरे ट्वीट के बाद आप एल्गिन होटल से चेक आउट करके अपनी टीम के साथ नोवोटेल जा रहे हैं, वहां से डिस्ट्रीब्यूशन जारी रखने के लिए. यह बंगाल है - नितिन नबीन भी यहां आपको नहीं बचा पाएंगे."
यह महुआ मोइत्रा की दूसरी ऐसी चेतावनी थी. इससे पहले एक पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया था कि बीजेपी नेतृत्व ने इन नेताओं को बंगाल में नकदी बांटने और वसूली करने के लिए भेजा है. उन्होंने कहा था, "प्रोफेसर सत्यवती कॉलेज के स्वदेश सिंह और सौरभ सिंह बंगाल में क्या कर रहे हैं? लोग फोन करके वसूली कर रहे हैं और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन के नाम पर नकदी बांट रहे हैं." इसके बाद उन्होंने सख्त चेतावनी दी, "हम नजर रख रहे हैं - आप बच नहीं पाएंगे." अभी तक बीजेपी की ओर से महुआ मोइत्रा की इन धमकियों और बीजेपी नेताओं के ठिकानों को सार्वजनिक करने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
हिंसा की घटनाएं, बीजेपी उम्मीदवार पर हमला
यह घटना ऐसे समय में हुई जब बंगाल के कुछ इलाकों में तनाव बढ़ गया था. मतदान के दौरान हिंसा और उम्मीदवारों पर हमलों की घटनाएं हुईं. बीजेपी उम्मीदवार सुवेंदु सरकार को दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज में एक बूथ की ओर जाते समय बुरी तरह पीटा गया. वीडियो में दिख रहा है कि उन्हें धक्का-मुक्की और मारपीट का सामना करना पड़ा, जबकि एक अकेला पुलिसकर्मी उन्हें बचाने की कोशिश कर रहा था. सुवेंदु सरकार ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में उन्हें पीटा गया और उनकी गाड़ी को तोड़ दिया गया. सत्ता पक्ष तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि सरकार ने बूथ के पास उपद्रव करने की कोशिश की थी.
हुमायूं कबीर की कार पर हमला
लगभग 200 किलोमीटर दूर, संवेदनशील मुर्शिदाबाद जिले में तृणमूल कांग्रेस और पूर्व TMC विधायक हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के बीच झड़पें हुईं. कबीर ने टीएमसी से अलग होकर भरतपुर सीट से चुनाव लड़ रहे थे. वीडियो में दिख रहा है कि नौदा में एक भीड़ ने पत्थरबाजी की और हुमायूं कबीर के समर्थकों को बांस के डंडों से पीटा. कुछ देर तक कबीर अपनी गाड़ी में फंसे रहे, जबकि लोग गाड़ी को घेरकर पत्थर फेंक रहे थे.
आखिरकार केंद्रीय बलों ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया.
मीडिया से बात करते हुए हुमायूं कबीर ने टीएमसी पर धमकाने और हिंसा का आरोप लगाया. टीएमसी ने आरोपों से इनकार करते हुए हिंसा की निंदा की है. बीरभूम के लभपुर में बीजेपी ने आरोप लगाया कि उसके एक पोलिंग एजेंट को सिर पर चोट आई. इसके अलावा पूर्वी मेदिनीपुर के मोयना, कूचबिहार के माथाभांगा, मुर्शिदाबाद के डोमकल और मालदा के चांचल से भी अशांति की खबरें आईं.