West Bengal Election 2026: हुमायूं कबीर से लेकर बीजेपी उम्मीदवार तक से किसने की मारपीट

Abhishek Chaturvedi 23 Apr 2026 04:20: PM 2 Mins
West Bengal Election 2026: हुमायूं कबीर से लेकर बीजेपी उम्मीदवार तक से किसने की मारपीट

...ये तस्वीरें हैं मुर्शिदाबाद जिले की, जहां बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर की कार को बीच सड़क विरोधियों ने घेर लिया, कार पर लाठी-डंडे बरसाए, और जब पुलिस पहुंची तो किसी तरह जाकर मामला शांत हुआ... कुछ ऐसा ही हाल दक्षिण दिनाजपुर के इलाके में दिखा...जहां कुमारगंज से बीजेपी उम्मीदवार सुवेंदु सरकार पर लाठी-डंडो और लात-घूंसों से निशाना बनाया गया, उन्हें ख़बर मिली थी कि वहां बूथ जैमिंग की जा रही है, जिसके  बाद वो पहुंचे तो विरोधियों ने उन्हें घेर लिया, पुलिस ने बड़ी मुश्किल से उन्हें बचाया, इसका आरोप भी टीएमसी के कार्यकर्ताओं पर लगा...

इससे पहले चुनाव आयोग ने खुद टीएमसी के करीब 800 कार्यकर्ताओं पर नजर रखने के आदेश दिए थे, और 1000 लोगों की गिरफ्तारी के दावे सामने आए थे, तो सवाल उठ रहा है क्या लोकतंत्र में वोटर्स की मर्जी की बजाय येन-केन प्रकारेण ममता बनर्जी के समर्थक उन्हें सत्ता में बरकरार रखना चाहते हैं...ये हाल तब है जब बंगाल में करीब 3 लाख पैरामिलिट्री जवानों को तैनात किया गया है, आप जिधर भी नजरें दौड़ाएंगे, हर संवेदनशील जगह पर ये मुस्तैद नजर आएंगे...

इनकी एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है, जिसके हवाले से ये दावा किया जा रहा है कि बंगाल में सेना टैंक लेकर उतर चुकी है....लेकिन ये पूरा सच नहीं है...बल्कि ये जो तस्वीर आप देख रहे हैं...ये एक बख्तरबंद गाड़ी है, जिसे तकनीकी भाषा में WHAP यानि व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म कहा जाता है...जिसका इस्तेमाल आम तौर पर सीआरपीएफ के जवान उपद्रव वाले इलाके में करते हैं...ये ऐसी गाड़ी है, जिसमें ड्राइवर समेत 10-12 जवान मुस्तैद होते हैं, सामने पानी हो या जमीन ये दोनों पर चल सकती है...

किसी ने भी कानून तोड़ने की हिमाकत की तो ये बख्तरबंद गाड़ी वाले जवान उसे तुरंत सबक सीखा सकते हैं....इनके अलावा क्यूक रिस्पॉन्स टीम और फ्लाइंग स्कवॉयड भी लगातार नजर बनाए हुए है, जिसे लेकर खूब सवाल भी खड़े हुए, और चुनाव आयोग ने तो बकायदा सोशल मीडिया पर टीएमसी का नाम लेकर ये कहा था कि भयमुक्त चुनाव करवाएंगे....

जिस पर खूब हंगामा भी मचा था...लेकिन पहले चरण के चुनाव में ही जिस तरीके की ख़बरें बंगाल के अलग-अलग हिस्सों से आ रही हैं, वो साफ बता रही है लोकतांत्रिक प्रक्रिया के दुश्मनों का इलाज बेहद जरूरी है...चुनाव आयोग जहां पहली बार हर बूथ की लाइव निगरानी कर रहा है, तो वहीं पहले ही उसने जरूरी चीजें छोड़कर बाइक पर भी प्रतिबंध लगा दिया था, ताकि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव हो, जबकि ममता बनर्जी चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगा रही हैं, उनका कहना है टीएमसी का मुकाबला बीजेपी से नहीं बल्कि चुनाव आयोग से हैं...जबकि बीजेपी का दावा है 4 मई को वहां भगवा लहराएगा.

इसके लिए खुद केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली छोड़कर बंगाल में बैठे हैं, वो पहले चरण के चुनाव का एक-एक अपडेट वहीं से ले रहे हैं, क्योंकि ऐसा पहले भी हुआ है जब वहां बीजेपी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया, और इस बार लड़ाई बेहद टक्कर की है...इसीलिए बीजेपी हाईकमान ने पूरी तरह मोर्चा संभाल लिया है...

उधर पीएम नरेन्द्र मोदी दूसरे चऱण की चुनाव वाली सीटों पर रैलियां कर रहे हैं, टीएमसी के कारनामे जनता को बता रहे हैं...अब ये तय करना जनता का काम है कि वो 4 मई को किसे जीताती है, हर पार्टी के अपने दावे हैं, हर पार्टी की अपनी सोच है, पर चुनाव के बीच जिस तरीके की तस्वीरें वहां से आ रही हैं, वो बेहद चौंकाने वाली है.....एक जिम्मेदार नागरिक और देश का वोटर्स होने के नाते आप इन तस्वीरों को कैसे देखते हैं, अपनी राय जरूर दें, क्योंकि सवाल लोकतांत्रिक व्यवस्था का है...

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