दिल दहला देने वाली घटना: 4 महीने की नन्ही प्रियांशी कुपोषण से दम तोड़ गई, जुड़वां भाई मौत से जूझ रहा

Amanat Ansari 23 Apr 2026 05:06: PM 2 Mins
दिल दहला देने वाली घटना: 4 महीने की नन्ही प्रियांशी कुपोषण से दम तोड़ गई, जुड़वां भाई मौत से जूझ रहा

Death due to malnutrition: सतना जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. चार महीने की नन्ही प्रियांशी कुपोषण के कारण अपनी जान गंवा बैठी, जबकि उसका जुड़वां भाई नैतिक अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रहा है. मध्य प्रदेश के मझगवां ब्लॉक के सुरंगी गांव की यह कहानी स्वास्थ्य व्यवस्था और पोषण सेवाओं की बड़ी खामी को उजागर करती है.

जन्म से ही कमजोर थे दोनों बच्चे

प्रियांशी और नैतिक का जन्म 21 दिसंबर 2025 को मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ था. जन्म के समय दोनों का वजन बहुत कम था. प्रियांशी का 2 किलो और नैतिक का 1.90 किलो. चार महीने की उम्र में सामान्य बच्चे का वजन 4 से 5 किलो के आसपास होना चाहिए, लेकिन जब इन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया तब प्रियांशी का वजन सिर्फ 2.86 किलो और नैतिक का 2.93 किलो रह गया था. दोनों बच्चे गंभीर कुपोषण (Severe Acute Malnutrition - SAM) की श्रेणी में आते थे.

मां विमला प्रजापति खुद शारीरिक रूप से कमजोर थीं और स्तनपान नहीं करा पा रही थीं. ऐसे में परिवार ने बच्चों को गाय और बकरी का दूध पिलाना शुरू कर दिया, जो इन नाजुक बच्चों के लिए ठीक नहीं था. पिछले 15 दिनों से दोनों बच्चे उल्टी, दस्त और बुखार से परेशान थे. परिवार उन्हें नजदीकी झोलाछाप डॉक्टर के पास ले जाता रहा. हालत बिगड़ने पर 21 अप्रैल को उन्हें मझगवां सीएचसी ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. वहां पीआईसीयू में भर्ती होने के बाद 22 अप्रैल को प्रियांशी की हालत और बिगड़ गई. रीवा रेफर करने से पहले ही उसकी मौत हो गई. नैतिक अब भी जिंदगी की जंग लड़ रहा है.

परिवार के गंभीर आरोप

मृत बच्ची के मामा ललित चक्रवर्ती ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पर आरोप लगाया है कि मौत के बाद शव को गांव क्यों नहीं ले जाने दिया गया? उनका कहना है कि रास्ते में ही शव को दफना दिया गया, ताकि लापरवाही छिपाई जा सके. परिवार का आरोप है कि टीकाकरण के अलावा आंगनबाड़ी या आशा दीदी से कोई मदद या सलाह नहीं मिली. जबकि कागजों में बच्चों का नाम पोषण ट्रैकर में दर्ज था.

प्रशासन की कार्रवाई

कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार के निर्देश पर मामले की जांच हुई. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. महिला बाल विकास पर्यवेक्षक करुणा पाण्डेय और एएनएम विद्या चक्रवर्ती के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूजा पाण्डेय को सेवा समाप्ति का नोटिस दिया गयाय

इसके अलावा झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में शिशु पोषण, स्वास्थ्य निगरानी और समय पर चिकित्सा सुविधा की कमी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है.

Satna News Infant Death Malnutrition Crisis Twin Infants

Recent News