ट्रंप ने भारत-चीन को 'नर्क के गड्ढे' बताया, जन्म-आधारित नागरिकता पर बोला 'धोखा'

Amanat Ansari 23 Apr 2026 12:11: PM 2 Mins
ट्रंप ने भारत-चीन को 'नर्क के गड्ढे' बताया, जन्म-आधारित नागरिकता पर बोला 'धोखा'

वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Truth Social पर एक विवादास्पद और कड़ी भाषा वाला पत्र पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने भारत, चीन और अन्य देशों को नर्क के गड्ढे (Hellholes) कहा है, साथ ही अमेरिका में जन्म-आधारित नागरिकता की तीखी आलोचना की है. इस पत्र में कैलिफोर्निया के टेक सेक्टर की हायरिंग प्रैक्टिस के बारे में दावे किए गए हैं, जिसमें आरोप लगाया गया है कि वहां की नौकरियां मुख्य रूप से भारत और चीन से आए लोगों के कब्जे में हैं. इसमें कहा गया है कि अन्य लोगों के लिए अवसर सीमित हो गए हैं, हालांकि इस दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया गया है.

पत्र का मुख्य फोकस जन्म-आधारित नागरिकता (Birthright citizenship) पर चल रहे विवाद पर है, जो अमेरिका में राजनीतिक और कानूनी चर्चाओं में फिर से उभरा है. पत्र में दावा किया गया है कि यह नीति अप्रवासियों को अपने बच्चों को नागरिकता दिलाने और फिर अपने पूरे परिवार को देश में लाने की अनुमति देती है. पत्र में कहा गया है कि यहां एक बच्चा तुरंत नागरिक बन जाता है, और फिर वे अपना पूरा परिवार चीन से, या भारत से, या ग्रह पर किसी और Hellhole से ले आते हैं. इस भाषा ने ध्यान खींचा है क्योंकि इसमें भारत सहित कई देशों का जिक्र Hellhole शब्द के साथ किया गया है.

पत्र में तर्क दिया गया है कि जन्म-आधारित नागरिकता का मुद्दा अदालतों या वकीलों द्वारा नहीं तय किया जाना चाहिए, बल्कि इसे राष्ट्रीय मतदान (National vote) पर डाला जाना चाहिए. इसमें एक सोशल मीडिया पोल का हवाला दिया गया है और दावा किया गया है कि बहुमत इस नीति को प्रतिबंधित करने के पक्ष में होगा, साथ ही कानूनी संस्थानों पर अविश्वास जताया गया है.

टेक्स्ट में अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (ACLU) की भी आलोचना की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि यह संगठन अवैध अप्रवासियों को अमेरिकी नागरिकों से ज्यादा फायदा पहुंचाने वाली नीतियों का समर्थन करता है. इसे अपराधी संस्था बताया गया है और यहां तक सुझाव दिया गया है कि इसे RICO कानून के तहत निशाना बनाया जाना चाहिए.

पत्र आगे व्यापक प्रणालियों की आलोचना करता है और आरोप लगाता है कि अप्रवासी स्वास्थ्य सेवा जैसी सार्वजनिक सुविधाओं का दुरुपयोग करते हैं. इसमें इमरजेंसी रूम विजिट्स का जिक्र है और दावा किया गया है कि टैक्सपेयर अवैध लोगों के इलाज का खर्च उठाते हैं. साथ ही कैलिफोर्निया जैसे राज्यों में कल्याणकारी धोखाधड़ी (Welfare fraud) के आरोप लगाए गए हैं और कहा गया है कि आप्रवासन सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को प्रभावित कर रहा है.

पत्र में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में जन्म-आधारित नागरिकता पर चल रही कार्यवाही का भी जिक्र है, जिसमें अदालत में पेश किए गए कानूनी तर्कों से असंतोष व्यक्त किया गया है. इसमें तर्क दिया गया है कि संवैधानिक व्याख्या वर्तमान वास्तविकताओं से अलग हो गई है, खासकर आधुनिक यात्रा और आप्रवासन पैटर्न के संदर्भ में.

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