नई दिल्ली: बुधवार को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दो जहाजों पर हमला कर उन्हें जब्त कर लिया. इनमें से एक गुजरात के मुंद्रा पोर्ट जा रहा कार्गो जहाज भी शामिल था. यह घटना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दो हफ्ते के नाजुक सीजफायर को बढ़ाए जाने के कुछ घंटों बाद हुई है. इस घटना से ईरान और भारत के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है, क्योंकि पिछले हफ्ते भी होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने की कोशिश कर रहे दो भारतीय झंडे वाले जहाजों पर हमला किया गया था.
दोनों जहाज पनामा फ्लैग वाला MSC Francesca और लाइबेरिया फ्लैग वाला Epaminondas अब ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की हिरासत में हैं और उन्हें ईरान ले जाया गया है. ईरानी राज्य टेलीविजन ने यह जानकारी दी. एक तीसरा जहाज ग्रीक स्वामित्व वाला Euphoria भी निशाना बनाया गया और अब वह ईरान के तट के पास फंसा हुआ है.
जहाज मुंद्रा पोर्ट जा रहा था
समुद्री यातायात डेटा के अनुसार, Epaminondas दुबई से आ रहा था और गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की ओर बढ़ रहा था. ईरानी नौसेना ने दावा किया कि इन जहाजों के पास “आवश्यक अनुमति” नहीं थी और उन्होंने “नेविगेशन सिस्टम में हेराफेरी” की थी, जिससे समुद्री सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा था. इससे पहले यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया कि होर्मुज में तीन व्यापारी जहाजों पर गोलीबारी हुई. युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के नियंत्रण में है. ईरान की इस चोकहोल्ड ने तेल की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित कर दी है और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक जहाज के ब्रिज (केंद्रीय नियंत्रण कक्ष) को गोली और रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड से नुकसान पहुंचा है. हालांकि, चालक दल के किसी सदस्य को कोई चोट नहीं आई. यह घटना अमेरिकी मरीन्स द्वारा हाल ही में गल्फ ऑफ ओमान के पास दो ईरानी झंडे वाले कार्गो जहाजों को रोके जाने और जब्त करने के जवाब में की गई लगती है.
अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले जहाजों पर लगाया गया नौसैनिक ब्लॉकेड वर्तमान में दोनों देशों के बीच मुख्य विवाद का विषय बन गया है. तेहरान ने किसी भी शांति वार्ता के लिए इस ब्लॉकेड को हटाना अपनी शर्त रखी है. लेकिन ट्रंप ने साफ कहा है कि नौसैनिक ब्लॉकेड जारी रहेगा. इसका मकसद ईरान की तेल आय को खत्म कर उसकी अर्थव्यवस्था को चरमरा देना है.
पिछले हफ्ते दो भारतीय जहाजों पर हमला
यह घटना कुछ दिन पहले हुई उस घटना के बाद आई है, जिसमें ईरानी नौसेना ने दो भारतीय जहाजों जग अर्णव और सनमार हेराल्ड पर गोलीबारी की थी, भले ही तेहरान ने पहले पांच “मित्र राष्ट्रों” के जहाजों को निशाना न बनाने का आश्वासन दिया था. जग अर्णव सऊदी अरब से भारत आ रहा एक भारतीय झंडे वाला बल्क कैरियर था. वहीं सanmar हेराल्ड इराक से भारत तेल ले जा रहा था. अप्रैल में लगभग 10 भारतीय जहाज इस जलडमरूमध्य से गुजरे थे.
इस हमले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ईरान में असली ताकत किसके हाथ में है. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शक्तिशाली IRGC राजनीतिक नेतृत्व को किनारे कर खुद फैसले कर रहा है. इस घटना के बाद भारत ने ईरानी राजदूत को तलब किया और अपनी “गहरी चिंता” जताई.