नई दिल्ली: भारत से पाकिस्तान जाकर नासिर हुसैन नाम के एक शख्स से निकाह करने वाली सरबजीत कौर एक बार फिर चर्चा में हैं. हाल ही में सामने आए एक वीडियो में उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान में किसी पर भी जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव नहीं डाला जाता. उनके मुताबिक, लोग यदि अपनी इच्छा से इस्लाम स्वीकार करना चाहें तो कर सकते हैं, लेकिन किसी को मजबूर नहीं किया जाता.
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अपने नए बयान में सरबजीत ने पहले दिए गए विवादित बयानों से भी दूरी बनाते हुए लहजा नरम किया है. उन्होंने कहा कि भारत से जो श्रद्धालु ननकाना साहिब और अन्य गुरुद्वारों के दर्शन के लिए पाकिस्तान आते हैं, उनका स्वागत किया जाना चाहिए. यह उनके पुराने रुख से बिल्कुल अलग है, जिसमें उन्होंने भारतीय सिखों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं.
करीब एक महीने पहले सोशल मीडिया पर एक लाइव वीडियो में, जो उन्होंने अपने पति नासिर के साथ साझा किया था, सरबजीत ने भारत से आने वाले सिख श्रद्धालुओं को लेकर तीखी और भड़काऊ बातें कही थीं. उनके उन बयानों के बाद भारत में सिख समुदाय के बीच नाराजगी देखी गई और कार्रवाई की मांग उठी.
अब सामने आए नए वीडियो में उनका रुख बदला हुआ नजर आ रहा है, जिसमें वह रिश्तों को बेहतर बनाने और श्रद्धालुओं के सम्मान की बात कर रही हैं. यह वीडियो कथित तौर पर किसी हाईवे के किनारे रिकॉर्ड किया गया और टिकटॉक पर साझा किया गया है.
दूसरी ओर, उनके पहले पति करनैल सिंह ने इस मामले को लेकर कानूनी लड़ाई शुरू कर दी है. उन्होंने पाकिस्तान के लाहौर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि नासिर हुसैन ने सरबजीत को धोखे और दबाव में पाकिस्तान बुलाया और फिर जबरन शादी की. याचिका में उन्होंने अपनी पत्नी को भारत वापस भेजने और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
यह पूरा मामला अब केवल व्यक्तिगत संबंधों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें धार्मिक, सामाजिक और कानूनी पहलू भी जुड़ गए हैं, जिस पर दोनों देशों में नजर बनी हुई है.